विज्ञान के अनुसार भूतों का अस्तित्व

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विज्ञान के अनुसार भूतों का अस्तित्व

भौतिकी के अनुसार – पदार्थ के दो कण या स्वरूप होते हैं |

1.  फर्मियान

2.  बोसॉन

  1. फर्मियान कण – ये वे कण होते है जो पदार्थ को बनाते हैं | इनका द्रव्यमान निश्चित होता है | उदाहरण – इलेक्ट्रोन व प्रोटोन |
  2. बोसॉन कण – ये वे कण होते है जो ऊर्जा का निर्माण करते हैं | इनका कोई स्थित द्रव्यमान नहीं होता | उदाहरण – ऊर्जा और उष्मा |

एक ही जगह एक निश्चित स्थान पर एक से अधिक बोसॉन हो सकते हैं | लेकिन फर्मियान का द्रव्यमान होता है | इस कारण एक ही जगह एक निश्चित स्थान पर एक से अधिक फर्मियान उपस्थित नही हो सकते हैं |

उदाहरण के अनुसार - जब आपका भाई अगर किसी कुर्सी पर बैठ कर कोई कार्य कर रहा हो तो यह निश्चित है कि आप ( स्वंय ) या अन्य कोई उसी समय उसी कुर्सी पर उसी निश्चित स्थान पर उसी तरह बैठ नही सकता हैं | क्योंकि हम सभी का शरीर और पृथ्वी पर पाया जाने वाला हर प्रकार का पदार्थ फर्मियान कण से बना हुआ है | जिसके कारण उसी निश्चित स्थान पर अन्य कण नही हो सकता या नही रखा जा सकता |

लेकिन बोसॉन की बात की जाए तो ये कण इसी जगह होने के बावजूद वह जगह ( स्थान ) खाली रहती है | उस खाली जगह पर अन्य फर्मियान या दूसरा बोसॉन कण रखा जा सकता है |

उदाहरण – प्रकाश भी बोसॉन कण से ही बना होता है | जैसे – एक प्रकाश किरण किसी जगह से गुजर रही हो तो दूसरी प्रकाश किरण भी उसी जगह से उसी समय गुजर सकती है बिना किसी रुकावट के | जैसे– X–किरणें |

अकण ( नॉन पार्टिकल ) में द्रव्यमान तो होता है | लेकिन अन्य गुण बोसॉन के समान होते हैं | अकण ( नॉन पार्टिकल ) एक ही समय एक ही स्थान पर रखे जा सकते हैं बोसॉन के समान |

भूतों का अस्तित्व बोसॉन या अकण के रूप में हो सकता हैं |

भूतों को डिकोड करने के लिए कुछ उपकरण ईजाद किये गए हैं | जो निम्न प्रक्रिया से काम करतें है –


  1. भूत – प्रेत इन्फ्रारेड विकिरण के IR बैण्ड में मैनेफेस्ट करती हैं | इन्फ्रारेड विकिरण 9.40 नैनोमीटर का जो सेंसिटिव IR बैण्ड होता हैं में कैच किया जाता है |
  2. इलेक्ट्रो - मेग्नेटिक फील्ड के रूप में भी भूतों की मौजूदगी दर्ज की जाती हैं | लेकिन मोबाईल, कम्प्यूटर और टीवी आदि इलेक्ट्रोनिक उपकरण भी यह EMf छोड़ते हैं | इसलिए सबसे पहले जिस जगह भूतों का पता लगाया जाता हैं | उस स्थान की पहले सामान्य EMf रीडिंग ली जाती हैं |
  3. भूत – प्रेत की उपस्थिति वाले स्थानों पर सामान्य वातावरण में 10 डिग्री तक की गिरावट हो सकती हैं या ठण्ड महसूस होने लगती हैं | सामान्य वातावरण में गिरावट आती हैं |
  4. भूत – प्रेतों को कुछ स्थानों से ऊर्जा आसानी से मिल जाती हैं | उदाहरण – इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों या अन्य कारणों से |
  5. EMf या ghost मीटर में 8 gos को भारी पैरानॉर्मल एक्टिविटी माना जाता हैं | 8 gos से ऊपर की एक्टिविटी मानव निर्मित उपकरणों से उत्पन्न होती हैं |
  6. 1 से 8 gos तक पैरानॉर्मल एक्टिविटी को मापा जाता हैंं |

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