शनि के उपग्रह टाइटन पर जीवन है या नहीं

 

Life on Titan


शनि के उपग्रह टाइटन पर जीवन है या नहीं life on titan सूर्य का प्रकाश टाइटन

शनि के उपग्रह टाइटन पर परिस्थिति -

टाइटन की नदियों में ऐथेन व मेथेन तरल रूप में बहता है और एक प्रतिशत सूर्य का प्रकाश टाइटन की सतह तक पहुँचता है | इतने कम प्रकाश के कारण इसकी सतह को देख पाना असम्भव है | टाइटन पर हाइड्रोकार्बन की झीलें भी मौजूद हैं | इसके वायुमंडल में हाइड्रोजन की सांद्रता नीचे की ओर घटती हुई पाई गयी | वायुमंडल में हाइड्रोजन की सांद्रता सतह पर जीरो ( शुन्य ) पाई गयी | इससे लगता हैं कि टाइटन की सतह पर उपस्थित मीथेन आधरित जीवो दवारा उसका उपयोग किया जा रहा हैं | क्योंकि हाइड्रोजन की सांद्रता सभी जगह एक समान होनी चाहिए |

टाइटन की सतह पर एसिटाइलीन गैस नहीं पाई जाती | टाइटन के उपरी वायुमंडल में सूर्य के प्रकाश के प्रभाव के कारण मीथेन अणु अपघटित होकर एसिटायलीन व हाइड्रोजन गैसे बनती हैं | लेकिन एसिटायलीन गैस टाइटन की सतह पर नहीं पाई जाती हैं | अनुमान लगाया जाता हैं कि टाइटन पर यदि जीवन है तो वे एसिटायलीन को भोजन तथा हाइड्रोजन को श्वसन गैस के रूप में उपयोग करते होंगे तथा टाइटन के जीव मीथेन का उत्पादन करते होंगे |

टाइटन पर अजैविक घटक –

टाइटन की सतह पर हाइड्रोजन व एसिटायलिन की अनुपस्थिति का कारण किसी अजैविक घटक की उपस्थिति भी हो सकती हैं | कोइम उत्प्रेरक हाइड्रोजन व एसिटायलीन को पुनः मीथेन में बदलने का कार्य कर रहा होगा | टाइटन के –183 0C तापमान पर यह कार्य किसी महान रासायनिक प्रक्रिया से कम नही होगा |

स्टेनले मिलर का जीवन की उत्पति के सम्बंध में प्रयोग -

life on titanमिलर के उपकरण में टाइटन के वायुमंडल में उपस्थित गैसे नाइट्रोजन  ( N ), मेथेन ( CH4), कार्बोन मोनोऑक्साइड ( CO ) भरकर उन पर रेडियो तरंगो को ठीक उसी तरह बौछार करायी गयी | जिस तरह टाइटन के वायुमंडल में सूर्य के प्रकाश की uv किरणों की बौछार होती हैं |

प्रयोग में पाया गया है कि नली में जीवन के घटक एमिनो अम्ल तथा जीवन को नियंत्रित करने वाले न्युक्लियोटाइड़ो का संश्लेषण हो गया हैं | इस प्रयोग से पहली बार ये तथ्य सामने आये कि जीवन के लिए अब तक अनिवार्य माने जाने वाले घटक ( जल ) की अनुपस्थिति में जीवन के घटकों का निर्माण संभव हो सकता हैं |

टाइटन व पृथ्वी में अंतर -
  पृथ्वी ( ग्रह ) टाइटन ( उपग्रह )
1. वर्षा जल H2O के रूप में तरल मीथेन के रूप में

 

बादल मीथेन व ऐथेन के बने होतें हैं |

तरल मीथेन पानी का कार्य करती हैं |

2.

 

तापमान

17 0C – 60 0C के लगभग तापमान सामान्य – 180 0C ( बेहद ठंडा ) होता हैं |
     
3.

 

वायुमंडल

78 % नाइट्रोजन, 21 % ऑक्सीजन, 1 % अन्य गैसे 98.4 % नाइट्रोजन, 1.6 % मीथेन ( सबसे अधिक )

life on titan

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