मंगल पर पानी, ऑक्सीजन के सबूत

 life on mars


 Mars Rover


मंगल पर पानी / ऑक्सीजन के सबूत

मंगल एक स्थलीय ग्रह हैं | मंगल व पृथ्वी के बीच की दूरी लगभग 22.5 करोड़ किलोमीटर हैं | यदि प्रकाश की गति से मंगल पर संदेश भेजा जाये तो उसमे भी 12.5 मिनट का समय लगता है |

हमारे सौरमण्डल का सबसे अधिक ऊँचा पर्वत ओलम्पस मोन्स मंगल पर ही स्थित हैं | मंगल के दो छोटे प्राकृतिक उपग्रह हैं | 1. फोबोस और 2. डिमोज

जिनकी कक्षा मंगल के बहुत करीब हैं | मंगल के लाल होने का कारण वहाँ की मिट्टी में भारी मात्रा में मौजूद आयरन ऑक्साइड के कारण होता हैं | मंगल ग्रह का एक साल पृथ्वी के 687 दिनों के बराबर होता हैं | पृथ्वी पर स्थित किसी वस्तु का वजन अगर 100 किग्रा. हैं तो उसी वस्तु का वजन मंगल ग्रह के गुरुत्वाकर्षण के कारण वहाँ 37 किग्रा. ही रह जायेगा | मंगल ग्रह पर सूर्यास्त के समय आसमान नीला दिखाई देता हैं |

मंगल ग्रह पर उपस्थित Curiosity रोवर से मिले डेटा के आधार पर मैग्नीज ऑक्साइड ( MnO4 ) हमें इस ग्रह पर भी मिला हैं | किसी समय मंगल ग्रह भी पृथ्वी की तरह ही था |

ऐसा लगता हैं कि जो ऑक्सीजन यहाँ मौजूद हैं वो पानी के मोलिक्यूल से टूटकर ही बनी हैं |

H2O   ----------------   2H            +     ½ O2

जल अणु                     हाइड्रोजन अणु    ऑक्सीजन अणु

मंगल ग्रह ने जब अपना चुम्बकीय क्षेत्र खोया होगा, तभी ये हुआ होगा | बिना चुम्बकीय आकर्षण के पानी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के अणुओं में टूट गया होगा | मंगल ग्रह पर कम ग्रेविटी ( गुरुत्वाकर्षण ) की वजह से भारी हाइड्रोजन अणु टिक नही पाया और सिर्फ ऑक्सीजन अणु यहाँ रह गया | और मैगनीज से क्रिया कर ऑक्सीजन मैगनीज ऑक्साइड ( MnO ) में बदल गयी |

life on mars and evidence of water



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