भारतीय डॉक्टर ने गर्भाशय व किडनी विकसित किया

 

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indian doctor (भारतीय डॉक्टर)  ने गर्भाशय व किडनी विकसित किया -

क्या आपको यकीन होगा कि अब शरीर के अन्दर ही नया गर्भाशय या किडनी तैयार की जा सकती है | 24 साल पहले डॉक्टर मातापुरकर की बात पर भी कोई यकीन नहीं करता था |

लेकिन उन्होंने साबित कर दिखाया कि जैसे पेड़ की छाल काट देने पर या छिपकली की पूंछ कट जाने पर वह फिर से आ जाती है | वैसा ही आदमी के शरीर के साथ भी संभव है | शुक्राणु कोशिका के आधार पर गर्भाशय, किडनी, यहाँ तक कि आँते भी बनाई जा सकती है |

indian doctor डॉक्टर बालकृष्ण गणपत मातापुरकर को किसी भी अंग से शुक्राणु कोशिका निकाल कर अंग को पुन: उत्पादित करने का पेटेंट मिल चुका है | मानव भ्रूण का निर्माण तो 3 कोशिकाओं से होता है | यहीं कोशिकाए आगे चलकर पूरे शरीर का निर्माण करती हैं | स्टेम सैल कोशिका यानि शुक्राणु कोशिका इन्ही में से एक है और यह शरीर के हर अंग में पाई जाती है |

मातापुरकर ने इसी कोशिका का उपयोग कई नए अंग व उत्तक बनाने में किया | बंदरों व कुत्तों पर किये गये प्रयोग सफल रहे और इस विधि से सिर्फ तीन महीने में उन्होंने गर्भाशय विकसित कर दिखाया | किडनी अथवा यकृत जैसे अंगों के ख़राब होने पर हर साल लाखों लोगो की मौत हो जाती है | पर इस तकनीक ने यह स्थिति बदल दी है |

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