अंडे की प्रोटीन का विकृतिकरण

अंडे की प्रोटीन का विकृतिकरण


Egg protein

जब भी जुबान पर अंडे का नाम आता है तो अक्सर लोग दो बातें दोहराते हैं | ऐसे लोग आपके आस - पास या गली मोहल्ले में मिल जाएँगे या आप खुद भी इस टाइप के व्यक्ति हो सकते हैं | जैसे कुछ लोग अंडे का नाम आते ही गाने लगते है कि सन्डे हो या मंडे रोज खाओं अंडे | खासकर बच्चों में यह गाना बहुत प्रचलित हैं | जबकि कुछ बुद्धिजीवी लोग लोगों से हमेशा सवाल करते रहते हैं कि बताओं पहले मुर्गी आई या अंडा आया | जबकि ऐसे सवालों का जवाब किसी के पास नहीं होता हैं | क्योंकि अगर देखा जाए तो पहले मुर्गी ही आनी चाहिए, तभी तो अंडा या मुर्गी का बच्चा आएगा |

हम इंसानों में ज्यादातर दो तरह के लोग होते हैं | कुछ लोग अंडे खाने वाले और कुछ नहीं खाने वाले |

अंडे की प्रोटीन का विकृतिकरण - 

अंडे प्रोटीन का ही स्रोत नही है | अंडे से प्राप्त जर्दी का उपयोग भी बड़ी मात्र में किया जाता है | क्योंकि जैसे - अंडे से प्राप्त protein या Egg protein हमारे  शरीर के लिए अतिआवश्यक है | उसी प्रकार से अंडे से प्राप्त जर्दी भी हमारी हड्डियों के लिए अति आवश्यक है |

बाज़ार में बिकने वाले अंडे को जब तोड़ा जाता है तो उसमें से तरल पदार्थ निकलता हैं | लेकिन जब अंडे को उबाला जाता हैं तथा उसके बाद उसे काटने या तोड़ने पर उसमें उपस्थित तरल पदार्थ ठोस पदार्थ में बदल जाता है |

ऐसा इसलिए होता है कि जब अंडे को गर्म किया जाता हैं तो अंडे में उपस्थित प्रोटीन का विकृतिकरण हो जाता हैं | जिसके कारण अंडा ठोस स्पंजी हो जाता है |

 

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