जिंदगी में रिलेशनशिप से ज्यादा महत्वपूर्ण है फ्रेंडशिप | मोटिवेशनल स्टोरी ( प्रेरणादायक कहानी )

विवेक

Motivational Story Friendship

जिंदगी में रिलेशनशिप से ज्यादा महत्वपूर्ण है फ्रेंडशिप | मोटिवेशनल स्टोरी ( प्रेरणादायक कहानी )

ज्यादा कुछ तो नहीं जानता मैं मोहब्बत के बारें में, बस इतना जानता हूँ कि जब तुम सामने आ जाती हो तो मेरी तलाश खत्म हो जाती हैं |

ये कहानी कॉलेज के 6 दोस्तों की हैं | जिनका एक ऐसा ग्रुप बना कि हर कोई उनके बारे में, उनकी फ्रेंडशिप के बारें में बात करता था |

फ्रेंडशिप में भी एक ऐसी फ्रेंडशिप हुई थी इस ग्रुप में जो बेस्ट बड्डीस की थी | 3 दोस्त ऐसे थे जो बेस्ट में भी बेस्ट बड्डीस थे | उनके नाम थे विवेक, नेहा और तुषार | तुषार को मालूम था कि विवेक के मन में नेहा के लिए फीलिंग्स हैं | नेहा के मन में विवेक के लिए फीलिंग्स हैं |

और तुषार चाहता था कि दोनों की फ्रेंडशिप रिलेशनशिप में बदल जाए | उसने कई बार कोशिश करी कि दोनों इस बारें में एक – दूसरे से बात करें | प्रपोज करे, बात आगे बढ़े | लेकिन बात नहीं बन पा रही थी |

फाइनली एक दिन तुषार की वजह से ही विवेक ने खुलकर नेहा के सामने अपनी बात रखी | नेहा ने अपनी रखी और दोनों की फ्रेंडशिप रिलेशनशिप में बदल गई | लव स्टोरी ट्रैक पर आ गई |

कॉलेज में फ्रेंडशिप डे होता हैं | फ्रेशर पार्टी होती हैं | सब कुछ चलता रहा, एक्जाम भी हुए | लेकिन इन दोनों की लव स्टोरी कहीं कोई प्रोब्लम नहीं आई | क्योंकि तुषार नहीं चाहता था कि किसी भी बात पर ये झगड़ा करें और इनकी रिलेशनशिप टूटे |

तुषार चाहता था कि दोनों की जिंदगी में प्यार – मोहब्बत बनी रहे | हर बार वो समझाता था एक गाइड की तरह | वो समझाता था कि जिंदगी लव कितना इंपोर्टेंट हैं | फाइनली वो महीना आ गया जिसका नाम था फरवरी |

विवेक ने इस छोटी सी लव स्टोरी में ये समझ लिया था कि उसकी जो गर्लफ्रेंड है नेहा | उसे बड़े सारे गिफ्ट पसंद थे, सरप्राइज पसंद थे | और उसे मालूम था कि जब वैलेंटाइन वीक जब आएगा | तब नेहा की बहुत सारी डिमांड होंगी |

हर रिलेशनशिप में अलग – अलग बातें होती हैं | लेकिन इस रिलेशनशिप में विवेक जो मिडिल क्लास फैमिली से था | जिसके पास में ज्यादा बजट नहीं होता था | कॉलेज का फर्स्ट ईयर था | जैसा कि हर किसी के साथ होता हैं | स्ट्रिक्ट बजट में रहना होता हैं |

ये समझ नहीं पा रहा था कि इतना खर्चा कैसे करेगा ? क्योंकि बार – बार उसे गिफ्ट देने होते थे | बार – बार उसे सरप्राइज देने होते थे | वैलेंटाइन वीक से ठीक पहले नेहा ने एक बार फिर अपने बॉयफ्रेंड विवेक से कहा कि वैलेंटाइन वीक आने वाला हैं |

चॉक्लेट डे आएगा, रोज डे आएगा, वैलेंटाइन डे आएगा | इस बार कहीं बाहर चलते हैं | बढ़िया सी पार्टी करते हैं | बहुत सारे गिफ्ट का मैं वेट करूंगी | ये होगा, वो होगा | जब वो ये सब बोल रही थी उसका एक्साईट्मैंट उसके चेहरे पर था |

तभी विवेक ने पता नहीं क्यों अचानक से झूठ बोल दिया | विवेक ने बोला कि मैं तो इस वैलेंटाइन वीक यहाँ पर हूँ ही नहीं | मैं तो अपने होम टाउन जा रहा हूँ | क्योंकि मेरे घर में ट्रेजडी हो गई हैं | और मुझे घरवालों के साथ रहना हैं |

जैसे ही विवेक ने ये बोला | नेहा समझ गई कि ये झूठ बोल रहा हैं | और जैसे ही ये विवेक झूठ उसके सामने आया वो गुस्सा हो गई और बोलने लगी – मुझे तुमसे बात नहीं करनी हैं | इससे तो अच्छा है कि हम ब्रेकअप कर ले !

वैलेंटाइन वीक के शुरू होने से पहले ही नेहा ने ब्रेकअप का अनाउन्समेंट कर दिया | विवेक को समझ ही नहीं आ रहा था | कि ये सब क्या हो गया हैं | अचानक से बदल गया है सबकुछ | वो अपने दोस्त के पास गया, तुषार को सारी बात बताई |

कि भाई ! ऐसा – ऐसा हैं | तुषार ने बोला कि भाई ! तुम चिंता मत करो | सब कुछ ठीक हो जाएगा | फाइनली 14 फरवरी की तारीख आ गई | विवेक तो कहीं गया नहीं था | क्योंकि वो तो झूठ बोल रहा था | वो उसी टाउन में था, उसी कॉलेज में था |

शाम में उसके पास में उसके दोस्त का कॉल आता हैं तुषार का | भाई आओ एक सरप्राइज है तुम्हारें लिए | विवेक पहुँचता है कॉलेज में | वहाँ जाकर देखता है कि बड़ी शानदार सी पार्टी ऑर्गेनाइज की गई थी | बड़े सारे गिफ्ट रखे थे | बड़ा शानदार सा माहौल था |

रोमांटिक सा माहौल बना हुआ था | और तभी वहाँ उसे दिखती हैं नेहा | वो इसके पास आकर बोलती है कि वाओ ! आई लव दा सरप्राइज | मुझे बड़ा अच्छा लगा | आपने मेरे लिए इतने अच्छे गिफ्ट्स रखे | बड़ा शानदार सा अरेंजमेंट किया | और आकर के इसे हग करने लगी |

बोलने लगी – आई लव यू | बहुत सारी बाते बोलने लगी अच्छी – अच्छी बाते | लेकिन विवेक को समझ में आ गया कि ये खर्चा उसका नहीं हैं | जिस खर्चे की वजह से नेहा खुश हो रही हैं | ये खर्चा तो तुषार में अपने दोस्त के लिए किया हैं |

जब पार्टी ऑवर हुई तो फाइनली विवेक ने इस रिलेशनशिप को भी ऑवर कर दिया | बता दिया नेहा को कि ये सारा खर्चा तुषार का था और मैं ऐसी रिलेशनशिप में नहीं रह सकता | जहाँ जो तुम्हारी जो डिमांडस हैं | तुम्हारी जो सोच है वो मेरी सोच से थोड़ी सी अलग हैं |

इस पार्टी के बाद में विवेक फिर से गया अपने दोस्त के पास, और तुषार को जाकर के बोला कि भाई ! आज तुमने मेरा दिल जीत लिया | आज मुझे वाकई में मालूम चला कि रिलेशनशिप बड़ी चीज लाइफ में होती है फ्रेंडशिप |

और वो बात तुमने मुझे सिखाई | थैंक्यू सो मच | इतना खर्चा करने के लिए | लेकिन इसकी जरूरत नहीं थी | मैंने उस रिलेशनशिप को खत्म कर दिया हैं |

तुषार ने सिर्फ एक बात बोली और वो बात थी | भाई ! मेरे चिल करो | भाभी का आना बाकी हैं |

सीख – जिंदगी में रिलेशनशिप से ज्यादा महत्वपूर्ण है फ्रेंडशिप | अपने दोस्तों के साथ हमेशा रहें | उन्हें कभी ना भूलें |

जब भी आप किसी रिलेशनशिप में रहे होंगे | तो आपने घर पर वहीँ झूठ बोला होगा | जो हर कोई बोलता हैं | जब पार्टनर से मिलने जाते हैं | तो बोलते हैं कि दोस्त से मिलने जा रहें हैं | ये वहीँ दोस्त होते हैं जो हर सुख में, दुःख में, लड़ाई में, झगड़े में आपके साथ होते हैं |

Credit : MY FM

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