पॉजिटिव सोच आपकी जिंदगी बदल सकती हैं | मोटिवेशनल स्टोरी | दोस्त

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पॉजिटिव सोच आपकी जिंदगी बदल सकती हैं | मोटिवेशनल स्टोरी

जिंदगी में आप किससे सलाह ले रहें हैं | ये जानना बहुत जरूरी हैं क्योंकि अर्जुन भगवान श्री कृष्ण से सलाह लेता था और दुर्योधन मामा शकुनी से |

ये कहानी दो दोस्तों की हैं | जिन्होंने बचपन से साथ पढ़ाई की | कॉलेज में साथ रहे | कॉलेज से पास आउट हुए तो साथ में उनकी नौकरी लग गई | जिस कम्पनी में काम करते थे, एक दिन वहाँ से शाम को घर जा रहे थे | जब वे घर जा रहे थे | तो रास्ते में उनका भयानक एक्सीडेंट हो गया |

दोनों को हॉस्पिटल में ले जाया गया | उन दोनों को हॉस्पिटल में एक ही रूम में रखा गया था | वहाँ पर दो बेड लगे हुए थे | उस रूम में खासियत ये थी कि वहाँ एक ही खिड़की थी | तो जो खिड़की के पास वाला बेड था उस पर एक दोस्त को लिटाया गया | और दूसरे बेड पर दूसरे दोस्त को लिटाया गया |

दोनों दोस्तों का इलाज वहाँ पर चल रहा था | उनको ठीक होने में काफी लम्बा समय लग रहा था | अब जो दीवार के पास वाला दोस्त था | उसे धीरे – धीरे खिड़की के पास वाले दोस्त से जलन होने लगी |

उसको लग रहा था | कि काश ! मैं खिड़की के पास होता | क्योंकि अब चल – फिर तो सकते हैं नहीं कम से कम खिड़की से नीचे देख लेता कि क्या चल रहा हैं | कुछ नजारे देखने को मिल जाते | उसे दूसरे दोस्त से जल होने लगी |

ये धीरे – धीरे उस बात को अनदेखा करने लगा | लेकिन उसके दिमाग में ये बात चलती रहती थी कि काश ! मैं उस तरफ होता | काश ! मैं उस तरफ वाले बेड पर होता |

एक दिन इसने पूछ ही लिया | कि मेरे भाई ! एक बात बताओ यार, खिड़की से नीचे क्या दिख रहा हैं ? तो जो खिड़की की तरफ वाला दोस्त था | उसने बताया कि भाई ! बाहर एक बड़ा अच्छा सा पार्क हैं | पार्क में छोटे – छोटे बच्चे खेल रहें हैं और काफी फैमिली आई हुई हैं घूमने के लिए |

और के बहुत ही बढ़िया सा पेड़ हैं | मतलब जिसकी छाया में काफी लोग बैठे हुए हैं | बड़ा सुन्दर सा नजारा हैं | बादल भी आए हुए हैं आज तो | मुझे लग रहा है कि हल्की – हल्की फुआरें भी थोड़ी देर में चालू हो जाएगी | बड़ा अच्छा लग रहा हैं |

जब उसने ये बताया तो इस वाले दोस्त को मन ही मन बड़ा बुरा लगा | कि यार ये सब नजारें और ये जो सीन हैं | वो मैं देख नहीं पा रहा हूँ | उन्हें मैं मिस कर रहा हूँ | अगले दिन फिर से उसने शाम में पूछा – भाई ! आज क्या नजारें हैं ? आज क्या चल रहा हैं बाहर ?

तो फिर से उसने बताना शुरू किया | कि भाई ! आज ये हो रहा हैं | पार्क में आज फिर से कुछ पौधें लगाए जा रहे हैं | कुछ अच्छा काम चल रहा हैं | लोग घूमने के लिए आए हुए हैं | बादल आज नहीं हैं | पर मौसम आज साफ़ हैं बड़ा अच्छा लग रहा हैं | तो वो फिर से अच्छा – अच्छा बताने लगा |

तीसरे दिन फिर से इसने पूछा – उसने फिर से अच्छा बताया | इस दोस्त को अंदर ही अंदर ये जलन होने लगी | और इसे ऐसा लगने लगा | काश ! मेरा बेड उस तरफ होता | काश ! मुझे उस तरफ लिटा दिया होता | तो मैं वहाँ पर अच्छे से देख पाता |

एक रात में जो खिड़की के तरफ वाला दोस्त था | उसको दिल का दौरा ( हार्ट अटैक ) पड़ा और वो तड़पने लगा | ये वाला जो दोस्त था उसकी नींद खुल गई | इसे लगा कि मेरा दोस्त परेशानी में हैं | लेकिन ये कुछ नहीं बोला और चुप रहा !

सही समय पर इलाज नहीं मिला और जो खिड़की के पास वाला जो दोस्त था | उसकी मौत हो गई | उसकी बॉडी को वहाँ से हटाया गया | अब वो बेड खाली हो गया |

तो जो ये वाला दोस्त था जिसे दीवार की तरफ लिटाया गया था | इसने नर्सिंग कर्मी स्टाफ से बोला – कि अगर आप बुरा ना माने तो क्या आप मुझे उस तरफ शिफ्ट कर सकते हैं | क्योंकि वैसे भी अभी उस तरफ कोई मरीज तो है नहीं |

तो उन्होंने बोला – हाँ, कोई बड़ी बात नहीं हैं | तो उस वाले बेड पर उसको शिफ्ट कर दिया गया | जब ये व्यक्ति खिड़की की तरफ वाले बेड पर लेटा | तो इसने बाहर देखना चाहा कि क्या नजारें हैं ?

और जब इसने बाहर देखा – तो बाहर कोई पार्क नहीं था | कोई बड़ा सा पेड़ नहीं था | कुछ नहीं था | बाहर तो बादल भी नहीं दिख रहे थे | बाहर थी एक लम्बी सी दीवार | बदसूरत – सी, गंदी – सी, खामोश – सी | सन्नाटा था बाहर |

इस व्यक्ति की आँखों से आंसू गिरने लगे | अब इसे समझ में आया | कि इसके दोस्त ने इसको क्यों अपने मन से बता – बता कर पता नहीं क्या – क्या बता दिया था | कितना अच्छा – अच्छा बताया था | पॉजिटिव रखने की कोशिश की थी | लेकिन ये उस सीन में भी नेगेटिव हो रहा था | जलन इस पर हावी हो रही थी |

सीख – लोगों को जज करना बंद कीजिए | कई बार आप लोगों को जज करने के चक्कर उन्हें प्यार करना भूल जाते हैं | लोगों में हम इतनी कमियाँ ढूंढ़ते हैं | हम अपने आपको जज मानने लगते हैं | पता नहीं कितनी सारी कमियाँ ढूंढनें लगते हैं | उनकी सारी अच्छाईयों को साइड में कर देते हैं |

अच्छाइयों को ध्यान में रखिए | थोड़ी बहुत बुराइयाँ भी आएगी | तो वो अपने आप चली जाएगी | जिंदगी में पॉजिटिव सोचिए | आपकी पॉजिटिव सोच आपकी जिंदगी बदल सकती हैं |

Credit : MY FM

नोट : यह कहानी हमने नहीं लिखी हैं | हमने इसे केवल युट्यूब से सुनकर लिखा हैं | जिसका क्रेडिट हमने इसे सुनाने वाले को दिया हैं |

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