साउंड दादा का सॉनिक स्टूडियों | भूत की कहानी

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साउंड दादा का सॉनिक स्टूडियों | भूत की कहानी

एक कहानी ऐसी भी | सीजन1  एपिसोड 7

Credit : 93.5 Red FM India

लखनऊ के कानपुर रूट की आशियाना कोलोनी में रहने वाले अनिरुद्ध का बचपन से ही एक सपना था RJ बनना | दिनभर हैडफोन लगाकर बोलने की कोशिश करता रहता था | एक दिन जब उसको एक रेडियों स्टेशन से इंटरव्यू का कॉल आया | तो ख़ुशी से आधा पागल ही हो गया |

लेकिन इंटरव्यू पार करने के बाद भी एक छोटी सी दिक्कत थी | एक ऑडियो सैम्पल भेजना था उसे | और उसके लिए चाहिए था एक स्टूडियों | जहाँ रिकॉर्डिंग करनी होगी | अनिरुद्ध ने गूगल किया और फाइनली एक स्टूडियों उसके बजट में आया – सॉनिक स्टूडियों |

रायबरेली रोड़ पे था जो शहर के आउटर में हैं | आज का सारा दिन अनिरुद्ध अच्छी – अच्छी स्क्रिप्ट लिखने के चक्कर में बिजी रहा | और देर शाम तकरीबन 7 बजे तैयारी करके स्टूडियों के लिए रवाना हुआ | और ढूढ़ंते – ढूढ़ंते बड़ी मुश्किल से स्टूडियों तक पहुँचा |

बड़ा ही घुमा – फिरा के जाने वाला रास्ता था | एक बार कोई चला जाए तो कभी भूल ना पाए |

टिन………….टिन ………………..|

वहाँ पहुँच कर | स्टूडियों ऑनर साउंड दादा से बात करके | दादा को सब समझाया | तो उन्होंने अपनी स्टाईल में कहा – हीं ………हीं……..हीं..! आ…प टेंशन मत लीजिए | स……ब हो जाए….गा | और दोनों रिकॉर्डिंग करने स्टूडियों के अन्दर गए |

आज जब सब कुछ एडवांस हैं | यहाँ साउंड दादा के स्टूडियों में इक्वीपमेंट थोड़े पुराने फैशन के थे | रिकॉर्डिंग शुरू हुई – लखनऊ एक शहर, जहाँ सब तहजीब की बातें करते हैं | और जहाँ जबतक धक्का ना लगे | आदमी आप से तुम पर नहीं आता | जहाँ नॉन – वेजिटेरियनस टुंडे के कबाब और वेजिटेरियनस मां दुर्ग की दाल में खुश रहते हैं | यहाँ नवाबी नस – नस में हैं | और मोहब्बत !

उसे कुछ जलने की गंध आई |

उसने साउंड दादा से कहा – साउंड दादा, कुछ जल रहा हैं | अनिरुद्ध की बात सुनकर साउंड दादा दौड़ते हुए दुसरे कमरें में आये | और दरवाज़ा खोलकर थोड़ा घबराए हुए चारों तरफ देखते रहे | फिर बोले – हीं ………हीं……..हीं..! कभी – कभार ऐसी बदबू यहाँ आती हैं |

आप टेंशन ना लें | आप बस आराम से रिकॉर्डिंग कीजिए | अनिरुद्ध ने एक बार फिर से बोलना शुरू किया – कृष्ण कॉलेज के ग्राउंड पर जब क्रिकेट खेला करते थे | तो उसका मजा ही अलग………..!

उंह….उंह…….उंह….! उसने सूंघते हुए कहा – दादा आपको सचमुच कुछ जलने की महक नहीं आ रही ? अनिरुद्ध की हिम्मत बढ़ाते हुए | उन्होंने कहा – आप आराम से इत्मिनान से रिकॉर्डिंग कीजिए | मेरा स्टूडियों पूरी तरह सेफ और सिक्योर्ड हैं | मैं जरा खा के आता हूँ |

इस बार अनिरुद्ध ने जैसे ही हैडफोन वापस कानों पर लगाए | तो कुछ सुनाई दिया ……………! अनिरुद्ध को लगा की कुछ गड़बड़ हैं | उसने हैडफोन फिर से लगाया तो कोई आवाज नहीं थी | लेकिन स्टूडियों का AC शायद खराब था | अनिरुद्ध का दम वहाँ घुट रहा था |

ताजी हवा लेने वो जैसे ही स्टूडियों से बाहर निकला | तो किसी ने पीछे से उसके कंधे पर हाथ रखा……….!

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लखनऊ के अनिरुद्ध के RJ बनने के सपने में एक ही रोड़ा था | स्टूडियों में वॉइस सैम्पल की रिकॉर्डिंग | और वो रिकॉर्डिंग करने अनिरुद्ध पहुँचा था साउंड सॉनिक स्टूडियों | लखनऊ के आउटर एरिया के रायबरेली रोड़ पर | जहाँ पहुँचकर | पुराने स्टाईल के हैडफोन, कम्प्यूटर और दूसरे इक्वीपमेंट देखकर |

अनिरुद्ध को थोड़ा अजीब लगा | लेकिन उससे ज्यादा अजीब था | किसी चीज के जलने की महक आना, वहाँ के AC का अचानक से खराब होना | और फिर हैडफोन में अजीबों गरीब आवाजों का आना | साउंड दादा बाहर खाना खाने चले गए थे |

और जब अनिरुद्ध घुटन से बचने के लिए ताज़ी हवा खाने बाहर निकला | तो किसी ने पीछे से उसके कंधे पर हाथ रखा ! वो कोई और नहीं था | बल्कि साउंड दादा ही थे | तो अनिरुद्ध ने बताया – कि हैडफोन में आवाजें आ रही थी | तो साउंड दादा बोले – हीं ………हीं……..हीं..! भाई साहब हैडफोन थोड़ा पुराना है |

आप वायर हिलाइए | मैं जरा बाहर से AC चेक करके आता हूँ | अनिरुद्ध ने देखा कि दादा जिस पर बैठे थे | वो नहीं पर उसके बगल वाली कुर्सी ऐसे हिली जैसे कि वो उसी पे बैठे थे |

उनके आते ही अनिरुद्ध ने पूछ लिया – दादा बैठे आप उस कुर्सी पे थे पर वो कैसे हिली ! दादा हंस के बोले – हीं ………हीं……..हीं..! अरे ! ये मेरी ही तो कुर्सी हैं इसी पर तो मैं बैठता था |

अनिरुद्ध ने पूछा – था मतलब ? अरे ! आप इधर – उधर की बातों पर ध्यान मत दीजिए | रिकॉर्डिंग करने चलते हैं | रिकॉर्डिंग करते – करते रात के 1 बज गए | और रास्ते पे ऑटो मिलना मुश्किल था | तो दादा ने कहा कि वो अनिरुद्ध को छोड़ देंगे |

उनके स्कूटर की आवाज कुछ ज्यादा ही थी | तो अनिरुद्ध बोला – आप इतने शांत और आपका स्कूटर इतना तेज | दादा ने कहा – हीं ………हीं……..हीं..! स्कूटर थोड़ी पुरानी हैं ना | पहले भी मैं यही चलाता था और अब भी |

उनकी गोल – गोल बातें समझने से ज्यादा रिकॉर्डिंग की CD सुनने में ज्यादा इंटरेस्टेड अनिरुद्ध ने उनकी बातों पे ज्यादा ध्यान नहीं दिया | और अपना घर आते ही थैंक्यू बोल कर जब जाने लगा | तो पीछे से साउंड दादा बोले – हीं ………हीं……..हीं..! आपका घर हैं मेरा भी घर था ऐसा ही !

अनिरुद्ध ने उनकी बातों को लेकर ज्यादा ना सोचना बेहतर समझा | और अन्दर जाकर जैसे ही दरवाजा बंद किया | टि……….न…………..! तो डोरबेल बजी | इतनी रात को कौन आया ? सोचकर आई होल से झांका | तो साउंड दादा मुस्कुराते हुए बाहर खड़े थे |

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लखनऊ का अनिरुद्ध अपने RJ बनने के सपने के बहुत करीब था | इंटरव्यू क्लियर करने के बाद सिर्फ़ वॉइस सैम्पल भेजना बाकी था | जिसके लिए उसे लकी ली | साउंड दादा का स्टूडियों मिल गया | लेकिन रिकॉर्डिंग करते – करते बहुत रात हो गई थी |

तो दादा ने उसे घर तक छोड़ दिया | और अन्दर जाकर दरवाजा बंद करने के तुरंत बाद ही घर की डोरबेल बजी | आई होल से देखा तो साउंड दादा मुस्कुराते हुए वहाँ खड़े थे | दरवाजा खोला तो वो बोले – हीं ………हीं……..हीं..! आपका पर्स ! यहाँ बाहर गिर गया था |

और फिर स्कूटर की जाती हुई आवाज सुनाई दी | क्योंकि वो साउंड दादा अपने स्टूडियों या घर की ओर जा रहे थे | अनिरुद्ध ने सुबह होते ही | एक्साटमेंट में CD निकाली | फिर लेपटॉप में लगाई | और सारे ऑडियो सेव कर लिए |

और ई – मेल करके SMS कर दिया | कि सर, मैंने आपको वॉइस सैम्पल भेज दिए हैं | आप चेक कर लीजिएगा | तकरीबन कुछ एक घंटे के बाद – टिली……..ली….ली……ली….! टिली………..ली….ली…..ली ! फोन आया ! और उन्होंने पूछा – ये सब क्या है भाई ? आपकी आवाज में ये दूसरी आवाज किसकी हैं ?

आप चेक करके दोबारा भेजिए | या रिकॉर्ड करके दोबारा भेजिए | अनिरुद्ध ने जब वो साउंड क्लिप भेजे | तब तो ठीक था | यहाँ क्या हो गया ? यही सोचकर जब उसने सुना | तो उसके होश उड़ चुके थे | इसमें अनिरुद्ध की बातचीत के साथ – साथ साउंड दादा की बातचीत भी थी |

उसने तुरंत साउंड वाले दादा का मोबाईल नंबर निकाल कर फोन किया | तो आवाज आई……This Number does Not Exist….This Number does Not Exist…. !

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अनिरुद्ध RJ के इंटरव्यू को क्लियर कर चुका था | लेकिन वॉइस सैम्पल रिकॉर्ड करने लखनऊ के एक स्टूडियों में पहुँचा | रिकॉर्डिंग करके जब सैम्पल सुने | उसमें उसकी आवाज के साथ – साथ उस साउंड रिकॉर्डिंग स्टूडियों के जो दादा थे | उनकी आवाज भी रिकॉर्ड हो गयी थी |

उसने फोन करके वॉइस सैम्पल दोबारा मंगाने की सोची | तो वो नंबर जो उसने कल डायल किया था | उस साउंड स्टूडियों को को बुक करने के लिए | वहाँ फोन करने से सिर्फ़ एक ही मैसेज आ रहा था | This Number does Not Exist….This Number does Not Exist…. !

फिर वो खुद वापस वहाँ पहुँचा | और स्टूडियों का रास्ता शायद भूल गया था | क्योंकि उसे वहाँ वो स्टूडियों नजर ही नहीं आ रहा था | उसने एक आदमी से पूछा – कि दादा ये साउंड सॉनिक स्टूडियों किस तरफ हैं ?

उस आदमी ने अनिरुद्ध को ऊपर से नीचे तक देखा | और फिर बोला – भाईसाहब यहाँ एक ही स्टूडियों था | स्टूडियों के मालिक को अपने स्टूडियों से बहुत प्यार था | लेकिन स्टूडियों चल नहीं पाया और एक दिन आग लगने से स्टूडियों अपने मालिक समेत जल कर ख़ाक हो गया |

अनिरुद्ध को समझ ही नहीं आ रहा था कि ये झूठ है या वो झूठ था | जो कल रात उसके साथ बीता था | क्योंकि उसने कल रात इसी स्टूडियों में यही आकर रिकॉर्डिंग करी थी | वो सीधे रिकॉर्डिंग स्टेशन ही गया | वहीँ रिकॉर्डिंग करी और उसकी नौकरी भी लग गयी |

उसके अपने लखनऊ में RJ बनने का सपना पूरा हो चुका था | और देखते ही देखते इस शहर में बहुत फेमस हो गया | और एक दिन…. हाँ जी, मैं हूँ अनिरुद्ध | और मेरे सवाल का जवाब देने के लिए कौन हैं फोन पे ?

और उधर से आवाज आई………. हीं ………हीं……..हीं..! बड़े दिनों से रिकॉर्डिंग करने नहीं आये ?

टूं…….. टूं…….. टूं…….. टूं…….. टूं……..!

अनिरुद्ध को काटो तो बदन में खून नहीं | उसने कॉलर आई. डी. पर नंबर देखा तो साउंड दादा के उसी स्टूडियों का था | उसने वापस फोन मिलाया | This Number does Not Exist….This Number does Not Exist…. ! This Number does Not Exist….This Number does Not Exist…. !

मैं हूँ प्रवीण और ये थी आज की एक कहानी ऐसी भी |

Credit : 93.5 Red FM India

एक कहानी ऐसी भी

सीजन1  एपिसोड 7

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Note : – यह कहानी हमने नहीं लिखी है हमने केवल इसे यूट्यूब से सुनकर लिखा हैं | जिसका क्रेडिट हमने इसे बनाने वाले को दिया हैं |

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