साथी तुम संघर्ष करो हम तुम्हारें साथ हैं | मोटिवेशनल कहानी

चाचा जी

साथी तुम संघर्ष करो हम तुम्हारें साथ हैं | मोटिवेशनल कहानी

लोग अक्सर कहते हैं कि साथी तुम संघर्ष करो | हम तुम्हारें साथ हैं | अगर वाकई में लोग आपके साथ होते | तो आपको संघर्ष करने की जरूरत ही नहीं पड़ती |

ये कहानी एक जौहरी की हैं | जिनकी युवावस्था में ही मौत हो गई | उनके चले जाने के बाद में उनके पीछे इस दुनिया में रह गई उनकी पत्नी और उनका बेटा | मां ने अपने बच्चे को बुलाकर के कहा – बेटा, हमारें पास जितने पैसे थे | जितनी बचत थी, वो सब धीरे – धीरे खत्म हो गयी हैं | अब हमारें पास कुछ नहीं बचा हैं |

अब तुम्हें काम करना हैं | मेरे पास में पुरानी गहनों की पोटली रखी हुई हैं | इस गहने की पोटली को ले जाकर के बाजार में बेच दो | जो पैसा आएगा – उससे थोड़ी बचत हो जाएगी | तुम्हारी पढ़ाई का खर्चा, हमारें घर का खर्चा कुछ सालों के लिए निकल जाएगा |

हमें परेशान होने की जरूरत नहीं होगी | तो हमें ये जो पैसा चाहिए | इसके लिए तुम बाजार में जाओ और जाकर के इसे बेच दो | तो बच्चे ने पूछा – मां, कौनसी दुकान पर जाकर बेचूं | कहाँ पर सही दाम मिलेगा |

तो मां ने कहा – शहर के दूसरे छोर पर एक दुकान हैं | हमारें दूर के रिश्तेदार हैं | तुम्हारें चाचा लगते हैं | उनसे जाकर के कहना – चाचा जी, पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे | उनको जाकर के सारी बात समझाना | कि मां ने गहनों की पोटली दी हैं | आप इसे सही दाम में खरीद लीजिए | हमारी मदद कर दीजिए |

लड़का गया जाकर के उन चाचा जी को सारी बात समझाई | उन्हें रिश्ता बताया | उसके बाद उस छोटे बच्चे ने बताया – पापा इस दुनिया में नहीं हैं | मां ने गहनों की पोटली दी हैं | उसने सारी बात बता दी |

उन चाचा जी ने वो गहनों की पोटली ली | और उसके बाद दुकान में अन्दर गए | सारे गहने देखे और वापस वो सारे गहनें लेकर के आ गया | वो जो गहनों की पोटली थी, वो उस बच्चे के हाथ में थमा दी | और उन्होंने उस बच्चे से कहा – बेटा, एक काम करना | ये गहनों की पोटली वापस ले जाकर के अपनी मां दे देना |

बच्चे को लगा कि शायद चाचा जी, मदद नहीं करेंगे | उसके बाद में चाचा जी ने कहा – अरे ! इतना मत सोचों | मां को कहना – बाजार अभी मंदा चल रहा हैं | अभी सही दाम नहीं मिलेंगे | इसलिए ये गहनों की पोटली संभालकर के रखे | कुछ साल साल बाद जब बाजार की मंदी गायब हो जाएगी | तब इसे बेच देंगे |

तब तक परेशान ना रहें | तुम्हारें घर का खर्चा, तुम्हारी पढ़ाई – लिखाई का खर्चा तुम्हारें चाचा जी उठाएंगे | तुम परेशान मत होना | बस ! तुम अपने शौक को थोड़ा नियंत्रण में रखना | मैं अपनी जरूरतों को थोड़ा नियंत्रित करूंगा | दोनों मिल बांटकर के काम करेंगे |

एक छोटा सा काम तुम्हें मेरा करना होगा | उस बच्चे को लगा शायद चाचा जी अब कुछ बड़ी मांग ( डिमांड ) रखेंगे | उन चाचा जी ने कहा – तुम्हें स्कूल के बाद में जो थोड़ा बहुत समय मिले, 1-2 घंटे का शाम में | मेरी दुकान पर आना | थोड़ा काम सीखना | मेरी मदद कर देना | मुझे भी एक साथी की जरूरत हैं | तुम आ जाओगें तो थोड़ा काम निकल जाएगा |

बच्चा अपने घर गया | ख़ुशी – ख़ुशी मां को जाकर के सारी बात बताई | मां, चाचा जी बड़े अच्छे इंसान हैं | उन्होंने गहनों की पोटली वापस दे दी | और कहा – इस गहनों की पोटली को संभाल कर के रखों | जब बाजार की मंदी गायब हो जाएगी | तब इसे बेच देना |

मेरी पढ़ाई – लिखाई और घर का खर्चा सब वो उठाएंगे | आप लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं हैं | वो कह रहे हैं कि स्कूल से आकर के शाम में 1-2 घंटे दुकान पर काम सीख लेना | काम में मेरा हाथ बंटा देना |

मां, बड़ी खुश हुई | जाकर के ऊपर वाले को प्रणाम करने लगी | कि आपका धन्यवाद हैं | इस दुनिया में अभी – भी ऐसे लोग मौजूद हैं | जो कि हमारी मदद करना चाहतें हैं | ऐसे रिश्तेदारों का धन्यवाद | कि वो हमारी जिंदगी में आये | बहुत कुछ ऊपर वाले को धन्यवाद करते हुए बोलने लगी |

साल पर साल बीतते चले गए | यही रुटीन चलता रहा | लड़का स्कूल जाता वापस आता | शाम में थोड़ा समय मिलता | तो उन चाचा जी के दुकान पर जाता | काम सीखता और उनके काम में हाथ बंटाता | धीरे – धीरे उसे काम की समझ होने लगी थी | उसे गहनों की समझ होने लगी थी |

एक दिन उन चाचा जी ने उस बच्चे से कहा – बेटा, एक काम करना | कल जब शाम में आओं | तो वो गहनों की पोटली लेकर के आना | अब बाजार की मंदी कम हो गई हैं | अब सही दाम मिल जाएंगे | लड़का घर गया | और जाकर मां से कहा – अब सही दाम मिल जाएंगे | हमें गहनें बेच देंने चाहिए |

मां, अन्दर गई और वो गहनों की पोटली लेकर के आयी | बच्चे के हाथ में रख दी | बच्चा अपने कमरें में गया | कमरें में जाकर बच्चे ने सोचा – एक बार देख लेता हूँ | कौन – कौनसे गहनें हैं | आखिर है क्या इसमें ?

उसे समझ तो हो ही चुकी थी | उसने जैसे ही गहनों की पोटली खोली | और जैसे ही वो पोटली खुली ! लड़का हक्का – बक्का रह गया | वो हैरान हो गया | उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई | सारे गहनें नकली थे |

लड़का समझ ही नहीं पाया | कि कल जब उन चाचा जी के पास जाऊंगा | तो क्या मुंह लेकर के जाऊंगा ? ये सारे गहनें तो नकली हैं | अगले दिन हिम्मत करके वो ख़ाली हाथ दुकान पहुँचा | चाचा जी ने पूछा – बेटा क्या हुआ गहनों की पोटली लेकर के नहीं आये |

तो उस लड़के ने कहा – चाचा जी, वो सारे गहने नकली हैं | मैं बस आपसे ये पूछना चाहता हूँ | मुझे समझ नहीं आ रहा हैं कि आपको क्या कहूं ? आपको तो मालूम होगा न पहले दिन | जब मैं छोटा बच्चा था | आपके पास में गहनों की पोटली लेकर के आया था | तब आपने क्यों नहीं बताया ?

अब मुझे शर्म आ रही हैं | तो उन चाचा जी ने कहा – बेटा शर्माओं मत ! ज्यादा परेशान रहो | मैंने तुम्हें उस दिन इसलिए नहीं बताया | क्योंकि अगर मैं तुम्हें उस दिन सच बता देता | ये कह देता कि ये सारे गहनें नकली हैं | तो तुम और तुम्हारी मां, इस बात पर यकीन नहीं करते |

तुम लोगों को लगता कि चाचा जी हम लोगों से पीछा छुड़ा रहें हैं | हमारें ऊपर संकट आया है तो हमारें रिश्तेदार हमसे दूर भाग रहें हैं | हमारी मदद नहीं करना चाहते हैं | इसलिए मैंने तुम्हें कुछ नहीं बताया | आज जब तुम्हें गहनों की समझ हो गयी हैं |

तुम काम सीख चुके हो | तुम्हें पता है कि वो नकली हैं | आज तुम्हें असली और नकली का मतलब समझ में आ गया हैं | मैं बस तुम्हारी मदद करना चाहता था | दिल से मदद करना चाहता था |

सीख – उन चाचा जी ने ये सच छुपाकर के रखा | क्योंकि वो उन लोगों को ये अहसास नहीं करवाना चाहते थे | कि चाचा जी दूर भाग रहें हैं | रिश्तेदार हमसे पीछा छुड़ा रहें हैं | हमारें साथ आए दिन ऐसा होता हैं | हम लोगों से दूर भाग रहे होते हैं | हमें लगता है कि इससे दूर रहना ही अच्छा हैं |

जब सकंट सामने वाले की जिंदगी में आता है | तो हम उसे अनदेखा करना चाहते हैं | हम उससे बात करना बंद कर देते हैं | आप देखिए कि आप कौनसी कैटेगिरी में आते हैं | क्या आप लोगों से दूर भागते हैं | या जब उनके ऊपर संकट आता हैं | तो अपना हाथ उनकी तरफ बढ़ाते हैं | ताकि उनकी मदद हो सके |

ये कहानी एक और बात सिखाती है | कि जिंदगी में अगर आप किसी के बारे में राय बना रहे हैं | तो सबसे पहले सच जान लीजिए | वो सच क्या है ? जब आपको मालूम चल जाएगा | तो आपके दिमाग में पिक्चर थोड़ी सी क्लियर हो जाएगी |

उस लड़के को जब समझ में आ गया | कि गहनें वाकई में नकली है | तो उसका जो सम्मान था, उन चाचा जी के लिए | वो और बढ़ गया | उसके दिल में जो प्यार था वो और बढ़ गया | उसे समझ में आ गया | कि ये इंसान नहीं है | ये भगवान है जिसने मेरी मदद की हैं |

कोशिश कीजिएगा जब कभी आपको समय मिल पाए | लोगों की मदद करें | उन्हें जज करना बंद करें | उनसे प्यार करना शुरू करें | ज्ञान सबके पास हैं वो मत बांटिएगा | मुस्कान बांटिए | इस दुनिया को इस समय इसी की जरूरत हैं |

Credit : MY FM

नोट : यह कहानी हमने नहीं लिखी हैं | हमने इसे केवल युट्यूब से सुनकर लिखा हैं | जिसका क्रेडिट हमने इसे सुनाने वाले को दिया हैं |

 

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