भूत – प्रेत की कहानियाँ रोहित, रोशेल और मनीष की कहानी

भूत – प्रेत की कहानियाँ रोहित, रोशेल और मनीष की कहानी

एक कहानी ऐसी भी | सीजन1  एपिसोड 3

Credit : 93.5 Red FM India

मृत्यु के बाद का जीवन एक रहस्य बना हुआ हैं | एक ऐसा रहस्य जिस पर विज्ञान ने भी आजतक किसी प्रकार की रोशनी डालने की कोशिश नहीं करी | क्या होता हैं मृत्यु के बाद हमारे इस पाक शरीर का ? जो मिटटी में तो मिल जाता हैं |

परन्तु आत्मा के स्वरूप में वो हवा में यूं ही विलीन होती हैं | आत्माओं का अस्तित्व जरूर होता हैं | अन्यथा मुक्ति नामक चीज की उत्पत्ति शायद नहीं होती |

आज की कहानी रहस्य और रोमांच के साथ खौफ से भी भरी हैं | इस कहानी के दो मुख्य किरदार हैं | एक मनीष जिसे बचपन से ही एक अजीब बीमारी थी | जो बाद में जाकर उसका पेशा भी बन गयी | मनीष को आश्चर्यजनक रूप से अपने आस – पास कुछ ऐसे लोग दिखाई देते | जिनकी उपस्थिति अगल – बगल खड़े लोग महसूस ही नहीं कर पाते |

मनीष सिर्फ़ और सिर्फ़ उसे दिखाई देने वाली उन अदृश्य शक्तियों से बातें भी करता था | ये शायद उसके लिए कुदरत की दी हुई | एक अद्भुत शक्ति थी | और इसकी यही शक्ति उसका पेशा बन गयी | जिसके माध्यम से उसने कई लोगों को उनकी समस्याओं से निजात दिलाया |

इस कहानी की दूसरी मुख्य किरदार है | रोशेल जो US की निवासी हैं | परन्तु रोहित से विवाह होने के कुछ दिन बाद ही दोनों इंडिया शिफ्ट हो गए | और उसके बाद शुरू हुई कुछ ऐसी घटनाएँ | जिसकी कल्पना रोहित और रोशेल ने अपने बुरे से बुरे सपने में भी नहीं की होगी |

मिस्टर नरूला भारतीय रेलवे विभाग में एक बहुत ही ऊँचे औधे पर कार्यरत थे | और पैसों की बिल्कुल भी कमी नहीं होने के कारण उन्होंने अपने बच्चों के जीवन में भी किसी प्रकार की कमी महसूस नहीं होने दी |

अपने बेटे रोहित को उन्होंने कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए अमेरिका भेजा | जिधर पढ़ाई करते – करते रोहित की मुलाक़ात एक रोशेल नाम की लड़की से हुई | प्यार अपने परवान पर चढ़ गया था | और अपने मां – बाप की इच्छा के विरुद्ध जाकर रोहित ने रोशेल से शादी कर ली |

रोशेल से विवाह करने से उसे US की सिटीजनशिप मिल गयी | और शादी करके दोनों एक ख़ुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे थे | इस बीच रोहित के संबंध अपने माता – पिता के साथ बिगड़ते गए | परन्तु जैसे हर जख्म को भरने में समय लगता हैं | वैसे ही रिश्तों में आई इस दरार को भरने में भी थोड़ा समय लगा |

ऊपर वाले ने रोहित और रोशेल को एक सुन्दर सी बेटी से नवाजा | और उनकी जिंदगी में आये ख़ुशी के ये पल ही परिवार वालों से दुबारा जुड़ने का रास्ता बने |

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रोहित के पिताजी को जैसे ही उनके दादा बनने की खुशखबरी मिली | वो फूले नहीं समाए और सारे गिले – शिकवे भुलाकर अपनी पोती को देखने अमेरिका पहुँच गए | उन्होंने रोहित से गुज़ारिश भी करी कि वो अब भारत में शिफ्ट हो जाए | क्योंकि वहाँ भी बड़ी से बड़ी आईटी कम्पनियाँ हैं | जहाँ उसे और रोशेल को आराम से नौकरी मिल जाएगी |

अपने पिता की कही बातों पर अमल करते – करते | रोहित को 2 साल लग गए | परन्तु देर आए दुरुस्त आए | इस बीच उनकी बेटी भी बड़ी हो गई थी | जिसका नाम उन्होंने अनीता रखा था | साल 2003 में रोहित सपरिवार इंडिया शिफ्ट हो गया |

जिधर उनके पिताजी ने उनके रहने वास्ते एक लग सा बंगला खरीद रखा था | रोहित और रोशेल को ये बंगला बहुत पसंद आया | क्योंकि इसकी खूबसूरती को 4 चाँद लगा रहा था | इसका समंदर के पास अवस्थित होना |

इसी घर से शुरू हुआ | कुछ ऐसी अजीबो गरीब घटनाओं का सिलसिला जिससे रोहित आज भी उबरने की कोशिश कर रहा हैं | क्योंकि उसने अपनी पत्नी रोशेल को मौत के मुंह में खुद को जानबूझकर धकेलते हुए देखा था |

रात करीबन 1 बजे रोहित की आँख खुली | तो उसने पाया कि उसकी पत्नी रोशेल वहाँ मौजूद नहीं हैं | वो उसे खोजता – खोजता छत पर जा पहुँचा | और ये देखकर उसकी आँखे फटी की फटी रह गई | कि रोशेल छत के किनारे पर खड़ी थी |

अगर वो एक कदम भी आगे बढ़ाती तो सीधा मौत के मुंह में होती | रोहित धीरे – धीरे दबे पाँव उसके पास पहुँचा और वहाँ पहुँचकर एक ही झटके में उसे अपनी ओर खींच लिया | रोशेल अजीब निगाहों से रोहित की ओर देखा रही थी |

मानों जैसे उसकी आँखों में कई सवाल छिपे हो | उसे कोई मालूमात नहीं थी | कि वो रात के इस पहर छत पर अकेली कैसे पहुँची | रोशेल के लग रहा था कि शायद वो कोई सपना देख रही हो | परन्तु जो कुछ भी वहाँ हो रहा था | वो एक सच था | न कोई तिलिस्म |

रोहित को लगा कि शायद रोशेल नींद में चलते – चलते यहाँ तक पहुँच गयी होगी | परन्तु ऐसा था नहीं | क्योंकि रोशेल को नींद में चलने की बीमारी तो थी ही नहीं | कुछ भी याद नहीं था उसे | कि वो वहाँ कैसे पहुँची ?

थोड़े दिन में रोहित और रोशेल दोनों ही इस घटना के बारें में भूल चुके थे | और एक बार फिर से सामान्य रूप से जीवन जी रहे थे | कि तभी अचानक एक ऐसी घटना घटी | जिससे रोहित अन्दर तक सहम गया था | और पढ़ा – लिखा होने के बावजूद भी जीवन के उस पार के जीवन की बातों पर विश्वास करने लगा |

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रोहित और रोशेल को भारत में शिफ्ट हुए करीबन 2 महीनें हो चुके थे | रोहित के पिताजी मिस्टर नरूला ने उन्हें समंदर किनारे एक बंगला उपहार में दिया | एक दिन रात अचानक रोशेल कमरे से गायब थी | और खोजने पर वो घर की छत पर एक किनारे पर मिली |

रोशेल को खुद मालूम नहीं था कि वो वहाँ कैसे पहुँची | और ना ही रोशेल को नींद में चलने की आदत थी | ये घटना आई – गई हो गयी | परन्तु इस घटना के कुछ दिन बाद और एक घटना घटी | जो विश्वसनीय थी रोहित के लिए |

उस दिन रोहित को आने में थोड़ी देर हो गई | रात को करीबन 1 बजे जब वो घर पहुँचा | तो घर का दरवाजा खुला पड़ा था | रोशेल इस तरह की गलती कभी नहीं कर सकती, इसका रोहित को यकीन था |

इसलिए रात के इस वक्त घर का दरवाजा खुला होने से उसकी चिंता और भी बढ़ गई | घर के अंदर घुसते ही उसने अपनी पत्नी को आव़ाज लगाई | परन्तु 4-5 बार आव़ाज लगाने के बाद भी | बैडरूम की जांच करने के बाद भी रोशेल का कोई अता – पता नहीं था |

इसी बीच अजीब से सन्नाटे को चीरती हुई, उसने अपनी बेटी अनीता की रोने की आवाज सुनी | ये आवाज अनीता के कमरे से आ रही थी | वो जब दौड़ता हुआ कमरें में गया | तो भय से उसके पाँव कांप रहे थे | अनीता कमरें के एक किनारे में बैठी थी |

और रोशेल अपने चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान और आँखों में क्रोध लिए अनीता को घूरे जा रही थी | पहली बार रोहित ने अपनी पत्नी रोशेल पर हाथ उठाया | और अचानक ही सबकुछ सामान्य – सा हो गया |

रोशेल को कोई होशोहवास नहीं था | कि अब से कुछ देर पहले अपने ही बच्चे के साथ क्या कर रही थी | पर अनीता, उसे सबकुछ याद था | क्योंकि ये हादसा उसी के साथ हुआ था | अनीता ने रोहित अर्थात् अपने पापा को बताया – कि वो कमरे में सोई हुई थी | तभी अचानक किसी ने उसे बिस्तर से नीचे धक्का दे दिया |

और जब अनीता ने अपना होश संभाला | तो पाया कि वो कोई और नहीं बल्कि उसकी मां ही हैं | जो उसे किसी अजीब सी भाषा में गुस्से से कुछ कह रही है | वो कभी रो रही थी और कभी अपने आप हंसने लग रही थी |

अनीता ने बताया कि रोशेल अर्थात् उसकी मां अपने बाल खोलकर ज़ोर – ज़ोर से सिर को घुमा रही थी | और आज उसके पापा टाइम पर नहीं आते | तो शायद अनीता इस दुनिया में नहीं होती | अगले ही दिन रोहित ने अपनी बेटी अनीता को उसके दादा – दादी के पास भेज दिया |

और जल्द से जल्द किसी मनोवैज्ञानिक से परामर्श लेने की सोची | उस दिन रात को जब रोहित की आँख खुली | तो एक बार फिर से रोशेल अपने कमरें से गायब थी | पूरे घर में खोजबीन करने के बाद रोशेल फिर से अनीता के ही कमरे में मिली |

और इस बार वो टकटकी लगाए सीलिंग फैन की ओर देख रही थी | रोहित ने जब उसे ज़ोर से झंकझोरा | तो रोशेल ने उसकी तरफ क्रोधित निगाहों से देखते हुए, ज़ोर से चिल्लाते हुए उर्दू भाषा मे अपशब्द कहने शुरू कर दिए |

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चिल्लाने के साथ – साथ रोशेल चीजें उठाकर उसकी तरफ फेंके जा रही थी | रोहित ने पूरी हिम्मत जुटाते हुए उस पर काबू पाने की कोशिश की | धीरे – धीरे वो शांत होती गई | और रोहित ने बिना समय गंवाए | उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाया और सारे टेस्ट करवाएँ |

सभी टेस्ट के परिणाम ठीक थे | डॉक्टरों को समझ नहीं आ रहा था कि रोशेल को यहाँ लाया क्यों गया था | क्योंकि उसकी तबियत बिल्कुल ठीक थी | रोहित को रोशेल की ये हालत देखी नहीं जा रही थी | अंततः उसने अपने पिता मिस्टर नरूला को सारी घटनाएँ विस्तार से बताई |

और तब जाकर इस कहानी के एक प्रमुख पात्र मनीष का नाम प्रकाश में आया | मनीष को बचपन से ही अपने आस – पास मृत लोग दिखाई देते थे | जिन्हें हम अपनी आँखों से देख नहीं पाते | रोहित के घर में प्रवेश करते के साथ ही मनीष के चेहरे के हाव – भाव बदल गए थे |

उसे स्पष्ट रूप से इस घर में किसी की मौजूदगी का अहसास हो चुका था | रोहित की बेटी अनीता के कमरे से एक ज़ोरदार आव़ाज आई | जहाँ उसकी बीवी रोशेल आराम कर रही थी | दौड़कर जब वो कमरें में गए | तो देखा कि बिस्तर पर पड़ी चादर इस वक्त रोशेल के गले के चारों ओर लपेटी हुई थी | और चादर का दूसरा कोना पंखे से |

रोशेल ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी | परन्तु उसकी ये कोशिश रोहित और मनीष के कमरें में एन वक्त पर पहुँचने से विफल हो गयी | इस अंतराल में रोशेल उन्हें एक अजीब सी आव़ाज में कुछ अपशब्द कहे जा रही थी |

मनीष ने रोशेल का हाथ अपने हाथ में लिया | और मंत्रो का उच्चारण करने लगा | शुरूआत में रोशेल धीरे – धीरे शांत होती गई | परन्तु उसके कुछ क्षण बाद ही मनीष के शरीर से पसीने छूटने लगे | और उसके गले से मंत्रो का उच्चारण एकाएक रुकने लगा |

रोहित ने समझदारी दिखाते हुए | तुरंत मनीष का हाथ खींचते हुए कमरें से बाहर ले गया | करीबन 1 घंटे के बाद, जब उसे होश आया | उसने रोहित से कहा – कि हमें किसी भी तरह रोशेल को उस कमरें से बाहर निकालना होगा |

मनीष और रोहित एक बार फिर कमरें के अन्दर गए | और एक बार फिर शुरू हुआ | सब की आँखों के सामने मनीष इस बार दिमागी तौर पर तैयार था | क्योंकि उसे जिंदगी और मौत का सिलसिला उसने सीखी हुई | सभी शिक्षाओं का उपयोग कर उस आत्मा पर काबू पाने की पूरी कोशिश करी |

और इस बार वो सक्षम भी हुआ | दोनों ने मिलाकर रोशेल को जबरदस्ती उस घर से बाहर निकाला | और आश्चर्यजनक रूप से घर से बाहर निकलते के साथ ही रोशेल की तबियत में पूर्ण रूप से सुधार हो चुका था |

आश्चर्यजनक बात तो वो थी | जो मनीष ने बताई | उसने कहा कि इस घर के उस कमरें में इस घर के पुराने मालिक की बीवी ने अपने पति की बेवफाई के कारण उस पंखे से लटक कर आत्महत्या करी थी | और अपने पति की बेवफाई के कारण ही शायद वो उस कमरें में किसी भी महिला को नहीं देख सकती |

आज रोशेल सही सलामत हैं | पर वो घर आज भी वीराना पड़ा है !

 

मैं हूँ प्रवीण और ये थी आज की एक कहानी ऐसी भी |

Credit : 93.5 Red FM India

एक कहानी ऐसी भी

सीजन1  एपिसोड 3

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Note : – यह कहानी हमने नहीं लिखी है हमने केवल इसे यूट्यूब से सुनकर लिखा हैं | जिसका क्रेडिट हमने इसे बनाने वाले को दिया हैं |

भूत – प्रेत की कहानियाँ

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