प्रकाश और नंदिनी की भूत की कहानी

प्रकाश भास्कर नंदिनी

एक कहानी ऐसी भी | सीजन 1 एपिसोड 1

 

Credit : 93.5 Red FM India

मुंबई, वो शहर जहाँ लोग आँखों में सपने बसाए आते हैं | दिन की रोशनी और रात की चकाचौंध हमेशा जिंदा रखती हैं | पर इस रोशनी और चकाचौंध के पीछे छिपे हैं कई राज | जिनको किसी ने जानने की कोशिश नहीं की | क्योंकि जिंदगी यहाँ चलती नही दौड़ती हैं |

शायद यही कारण था | कि उन लोगों ने उनकी जिंदगी में हो रही अजीबों गरीब घटनाओं के पीछे का राज जानने की बहुत दिनों तक कोशिश ही नहीं की |

आज की ये कहानी प्रकाश, उसकी गर्लफ्रेंड नंदिनी और भास्कर के साथ हुई घटनाओं पर आधारित हैं | ये तीनों एक साथ बोरीवली के 2 BHK फ़्लैट में रहते थे | जहाँ शिफ्ट हुए उन्हें सिर्फ़ 3 महीनें ही हुए थे | ये तीनों एक साथ एक ही कॉलसेंटर में काम करते थे |

जिंदगी का हर लम्हा एक साथ बिताते | इन तीनों की लाइफ एकदम परफेक्ट थी | सिवाय एक अजीब चीज के | हर दिन सुबह जब 3 बजे ये अपनी कॉलसेंटर की ड्यूटी के लिए उठते ……….|

तो घर के बाथरूम, किचन या डाइनिंग हॉल की लाईट को ऑन पाते | एक – दुसरे से सवाल – जवाब करने पर एक ही नतीजा निकलता | और वो ये कि उन तीनों में से किसी ने बाथरूम, किचन या डाइनिंग हॉल की लाईट नहीं जलाई थी |

इस अजीब घटना की शुरुआत आज से 3 महीनें पहले हुई थी | जब उन्होंने इस घर को अपना घर बनाया था | इन तीनों ने इस बात को किसी के साथ भी डिस्कस नहीं किया | क्योंकि उन्हें हमेशा ये डर सताता था कि शायद उनके दोस्त उनका मजाक उड़ाना शुरू कर देंगे |

इस कहानी की ये अभी तक की बातें मुझे बहुत नॉर्मल लगी | क्योंकि मैंने खुद ने अपने घर में टीवी को 3-4 बार खुद ब खुद स्टार्ट होते देखा हैं | शायद कोई टेक्निकल प्रोब्लम हो | लेकिन अगर प्रकाश, नंदिनी और भास्कर की कहानी की बात करें | तो घटनाएँ लाईट के ऑन रहने तक सीमित नहीं रही |

क्योंकि धीरे – धीरे एक के बाद एक अजीबो गरीब घटनाओं ने उनके दिमाग में कई सवाल खड़े कर दिए |



मुंबई के बोरीवली इलाके में 2 BHK का फ़्लैट जिसमें प्रकाश, उसकी गर्लफ्रेंड नंदिनी और भास्कर 3 महीनें से रह रहे थे | हर सुबह 3 बजे जब वो कॉलसेंटर की ड्यूटी के लिय उठते तो बाथरूम, किचन या डाइनिंग हॉल की लाईट स्विच ऑन पाते |

इस घटना का जवाब उन तीनों में से किसी के पास नहीं था | शाम करीब 5 बजे ये तीनों अपने काम से लौटते थे | और शाम ठीक 6 बजे घर का काम करने वाली बाई भी पहुँच जाती | कभी – कभार उस बाई के साथ उसका बच्चा भी आता था | जो पूरे घर में खेलता रहता और उनके सामानों से छेड़छाड़ करता रहता |

मुंबई शहर में बाई मिलना बहुत मुश्किल है | और इसलिए शायद वो बाई के इस बच्चे के सारे नखरों से परेशान होते हुए भी अपनी तरफ से कोई आपत्ति नहीं जताते थे |

एक दिन तो हद ही हो गई | प्रकाश और नंदिनी जब घर लौटे | तो पाया कि बाई का बेटा उनके घर के ड्राइंगरूम में खेल रहा हैं | उन्हें लगा कि शायद बाई उस दिन जल्दी काम पर आ गई |

लेकिन आश्चर्य की बात तो ये थी | कि बाई उन्हें सारे घर में कहीं भी नजर नहीं आई | उन्हें लगा शायद अपने बच्चे को उनके घर पर खेलने के लिए छोड़कर बाई बगल वाले शर्माजी के घर पर काम करने चली गई होगी |

प्रकाश आज बहुत गुस्सें में था क्योंकि कामवाली बाई के रहते उसके बेटे का आना और उसके घर में खेलना तो ठीक था | लेकिन बाई अपने बेटे को यूं उनके घर में छोड़कर किसी दुसरे के घर में काम करने जाए | ये उन्हें मुनासिब नहीं लगा |

करीबन 1 घंटे इंतजार करने के बाद प्रकाश और नंदिनी बगल वाले शर्माजी के घर गए | कामवाली बाई के बारे में पता लगाने | शर्माजी का जवाब सुनकर दोनों हक्के – बक्के रह गए |

क्योंकि शर्माजी के अनुसार – कामवाली बाई तो आज आई ही नहीं थी | एक अजीब – सी कश्मकश में दोनों अपने दिमाग में सवालों की लड़ी लिए वापस अपने घर की ओर लौटे |

लेकिन इस बार आश्चर्यजनक रूप से पूरे घर में वो बच्चा उन्हें कहीं भी नजर नहीं आया | दोनों के मन में कई सवाल उठ रहे थे | और उन्हें पार्टी के लिए देर हो रही थी | इसलिए ज्यादा सोचे बिना तैयार होकर पार्टी के लिए निकल पड़े | रात करीबन 8 बजे ओवरटाइम करने के बाद भास्कर घर लौटा |

उसे इस पूरे इंसिडेंट के बारे में कुछ भी पता नहीं था |

आपको क्या लगता है घर लौटने के बाद भास्कर ने क्या देखा होगा ………….मा……आ…….मा……..न…..|

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प्रकाश और नंदिनी ने अपने घर में काफी अजीबो गरीब चीज नोटिस करने के बाद सबकुछ पीछे छोड़ शाम की पार्टी के लिए अपने घर से निकल पड़े | ओवरटाइम करने के बाद भास्कर करीबन 8 बजे रात को अपने घर पहुँचा |

भास्कर ने घर का दरवाजा खोला तो पाया कि हमेशा की तरह बाथरूम की लाईट जली हुई थी | उसने लाइट स्विच ऑफ़ करना जरूरी नहीं समझा | क्योंकि उसे नहाना भी था | रूम में एंटर करके अलमारी खोल अपना टावल निकाला और बाथरुम की ओर चल पड़ा |

भास्कर ने जैसे ही बाथरूम का दरवाजा खोला उसके पैरों तले से जमीन खिसक चुकी थी | बाथरूम के फर्श और दीवार पर सिर्फ़ खून ही खून के धब्बे थे | डरे हुए भास्कर ने तुरंत बाथरूम का दरवाजा बंद किया |

और डर के मारे वो मेन डोर की ओर भागा | अचानक उसके भागते हुए कदम एक आवाज को सुनकर रुक गए …….| उहं……ह…..ह…ह…ह…..ह…..! ये आव़ाज भास्कर के कमरें से आ रही थी |

सहमे हुए क़दमों से भास्कर अपने रूम की ओर आगे बढ़ा | और रूम का नजारा देखा उसे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हो रहा था | भास्कर ने देखा – उसके बाई का बच्चा उसके बिस्तर पर अपने पैरों में अपने मुंह को छिपाए बैठा था |

भास्कर ने उससे पूछा कि तुम यहाँ क्या कर रहे हो | अभी तो तुम यहाँ नहीं थे | ये सवाल सुन उस बच्चे ने धीरे से अपने घुटने से मुंह को उठाया | उस बच्चे के चेहरे पर एक अजीब – सी तेज और होंठो पर एक अजीब – सी मुस्कान थी …..|

मानों जिनमें कई राज समाए हो | बाथरूम में खून और बिस्तर पर कामवाली बाई के बच्चे का होना | इसके अजीब हाव – भाव को देख वो अंदर तक डर चुका था |

वो तुरंत दौड़ता हुआ उस घर से बाहर की ओर निकल गया | डरे हुए भास्कर के फोन कॉल के तुरंत बाद ही नंदिनी और प्रकाश पार्टी को छोड़कर घर चले आये | और तीनों ने बहुत साहस करके उस घर के अंदर जाने की हिम्मत करी |

प्रकाश, भास्कर और नंदिनी ने जैसे ही घर का दरवाजा खोला तो हमेशा की तरह ……….|


किसी घर में लाईट का अपने आप ऑन होना शायद इलेक्ट्रिकल फ़ॉल्ट के कारण हो | लेकिन बाथरूम में चारों तरफ खून के धब्बे | और बहुत ही अजीब सी परिस्थिती में कामवाली बाई के बच्चे का उनके घर में मौजूद होना | और दूसरे ही पल उसका गायब हो जाना |

प्रकाश, नंदिनी और भास्कर के दिमाग में सवालों का तूफानों का खड़ा कर रहा था | भास्कर प्रकाश और नंदिनी को साथ लेकर जब उन्हें बाथरूम में खून के छींटे दिखाने ले गया | तो आश्चर्यजनक रूप से वहाँ पर कुछ भी नहीं था |

रात करीबन साढ़े 10 बजे थे | तीनों इसी सोच में डूबे थे कि क्या आज की रात में इस घर में रहना उनके लिए ठीक होगा | इस बीच प्रकाश ने मकान मालिक को फोन लगाया और उसके दोस्त भास्कर के साथ बीती | सारी घटनाएँ बताई |

मकान के मालिक ने सारी बात सुनने के बाद उन्हें बताया कि आज से 10 साल पहले इस मकान में एक परिवार रहता था | कर्ज के बोझ में दबे होने के कारण इस परिवार के कर्ता ने पहले अपनी बीवी और अपने बेटे की बेदर्दी से हत्या करी | और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली |

ये सब जानने के बाद वहाँ रहना तो दूर उस घर में एक – एक पल गुजारना भी प्रकाश, नंदिनी और भास्कर के लिए बहुत भारी पड़ रहा था | बाथरूम में खून देखने की घटना को शायद मनघड़न मानने के बावजूद भी हम उसे आज से 10 साल पहले घटी घटना से जोड़ सकते हैं |

लेकिन कामवाली बाई के बेटे का विवादास्पद रूप से उनके घर में मौजूद होना और अचानक से गायब हो जाना | इस कारण किसी को भी मालूम नहीं था | जैसे तैसे आज की रात प्रकाश, नंदिनी और भास्कर ने आज की रात उस घर में गुजारी |

और सुबह होने का इंतजार करने लगे | क्योंकि उन्होंने फैसला ले लिया था | कि सुबह होते के साथ ही इस घर को छोड़कर किसी और जगह शिफ्ट हो जाएँगे | अगले जब कामवाली बाई उनके घर आई | तो प्रकाश, नंदिनी और भास्कर तीनों उस पर टूट पड़े |

एक के बाद एक सवालों की बौछार करने लगे | उसके बेटे की अजीबों गरीब हरकतों पर | और विवादास्पद स्थिति में उसके बेटे की मौजूदगी पर | 5 मिनटों तक स्तब्ध रहने के बाद…….. कामवाली ने अपनी चुप्पी तोड़ी | और बस एक ही चीज कही उसके पास उनके सवालों का कोई जवाब नहीं हैं | क्योंकि उसका तो कोई बेटा ही नहीं हैं !

 

मैं हूँ प्रवीण और ये थी आज की एक कहानी ऐसी भी |

 

Credit : 93.5 Red FM India

एक कहानी ऐसी भी

सीजन 1 एपिसोड 1

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सीजन 1 – एपिसोड 1

Note : – यह कहानी हमनें नहीं लिखी हैं | हमने केवल इसे यूट्यूब से सुनकर लिखा | जिसका Credit हमने इसको बनाने वाले को दिया हैं |

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