Messenger Of Human ( मनुष्य का संदेशवाहक )

Pigeon

Messenger Of Human ( मनुष्य का संदेशवाहक )

  • कबूतर ( Pigeon ) सहारा रेगिस्तान और अंटार्कटिका महाद्वीप को छोड़कर लगभग पूरे विश्व में पाये जाते हैं |
  • पूरे विश्व में इनकी 310 प्रजातियाँ पाई जाती हैं | मानवीय कारणों से आज इनकी लगभग 20 % प्रजातियाँ विलुप्त होने के कगार पर हैं और कुछ विलुप्त भी हो चुकी हैं |
  • यह शांतिप्रिय और सामाजिक जीव हैं | जिसने मनुष्यों के साथ रहना सीख लिया हैं |
  • ये कुछ समय में ही अपना जीवन साथी चुन लेते हैं | और उम्रभर जोड़ो के रूप में अपना जीवन व्यतीत करते हैं |
  • इनका जीवनकाल लगभग 15 वर्षों का होता हैं |
  • इनकी लम्बाई 6 से 30 इंच तक होती हैं तथा इनका वजन 4 किग्रा. तक हो सकता हैं |
  • ये एक बार में 1 से 2 अंडे देते हैं | जिनको नर और मादा द्वारा बारी – बारी से 17 से 19 दिनों तक अंडो को सेते हैं |
  • ये
    अनाज, कीड़े – मकोड़े और फल आदि खाते हैं |
  • इनके शिकारी जीव बिल्ली, कुत्ते, लोमड़ी आदि हैं |

कबूतर के बारें में

  • प्राचीन समय से लेकर आज तक इनका उपयोग संदेश भेजने में किया जाता रहा हैं | हालांकि मोबाईल और इंटरनेट जैसी आधुनिक चीजें आने के बाद इनका इस्तेमाल बहुत कम हो गया हैं |
  • पहले और दुसरे विश्व युद्ध के समय भी कबूतर के द्वारा अनेक संदेशो का आदान – प्रदान किया गया |
  • कुछ देशों में इनको भोजन के रूप में भी खाया जाता हैं |
  • यह एक सुन्दर आकर्षक पक्षी हैं | मनुष्यों की आबादी वाले इलाकों में यह घरों के रोशनदानों और खिड़कियों में घोंसला बनाकर रहते हैं |
  • शिकारियों द्वारा इनको कैद कर बाजार में भी बेचा जाता हैं | ये नीले, भूरे, काले और लाल और सफ़ेद रंगों में पाए जाते हैं | कुछ कबूतर प्रजातियों में एक से अधिक रंग भी पाये जाते हैं |
  • कबूतर के बारें में ऐसा कहा जाता है कि जब ये बिल्ली या कुत्ते जैसे शिकारी जीव को देखता हैं | तो यह अपनी आँखे बंद कर लेता हैं | और सोचता हैं कि अँधेरा हो गया हैं और बिल्ली जा चुकी हैं | जिससे ये एक आसान शिकार हो जाता हैं |
  • हाल ही में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा कुछ ऐसे कबूतर पकड़े गए हैं | जिनका इस्तेमाल आतंकवादी संगठनो द्वारा गलत कार्यों के लिये किया जा रहा था | ये कबूतर पाकिस्तान की ओर से आये थे |
  • पहले विश्व युद्ध के दौरान Cher Ami नाम का एक कबूतर अपनी एक टाँग खोने और गोली लगने के बावजूद 40 किलोमीटर दूर संदेश पहुँचाने में कामयाब रहा | जिससे 194 लोगों की जान बचाई जा सकी | इस कबूतर की मृत्यु के बाद इसको अमेरिका के म्यूज़ियम National Museum Of American History में रखा गया हैं |

Messenger Of Human

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