छोटे जीव - जन्तु दुनिया को Slow Motion में देखते हैं

Slow Motionछोटे जीव – जन्तु दुनिया को Slow Motion में देखते हैं

नई रिसर्चों से पता चला है कि छोटे शरीर वाले और तेज Metabolism वाले जीव

दुनिया को एक अलग नजर से देखते हैं | ये धीमी गति से इस दुनिया को देखते हैं | जैसे – छोटे जानवर, पक्षी, कुत्तें, कीड़े – मकोड़े, मक्खियाँ, मनुष्यों के छोटे बच्चे आदि सभी दुनिया को Higher Frame Rate पर अनुभव करते हैं |

छोटे जीव अलग – अलग समय में देखते हैं | इसका मतलब है कि छोटे जीवों के लिए समय हमारे मुकाबले धीमी गति से चलता हैं | समय को धीमी गति से अनुभव करना इस बात पर निर्भर करता है कि कितनी तेज जीव का तंत्रिका तंत्र जानकारियों को प्रोसेस करता हैं |

Slow Motion
यह पानी से भरा हुआ फटता गुब्बारा किसी मक्खी को कुछ ऐसा दिखाई देगा |

हमारी आँखे अच्छी से अच्छी रोशनी में 50 Frame ( चित्र ) प्रति सेकण्ड की रफ्तार पर देखती हैं | यही कारण है कि अनेक फोटो की श्रृंखला ( Chain ) से बनाई हुई फिल्में हमें चलती हुई दिखाई देती हैं |

जैसे – मधुमक्खियाँ, घरेलु मक्खियाँ, ड्रैगनफ्लाई आदि हमारी तुलना में लगभग 6 गुना तेज High Flicker Fusion Frequency पर दुनिया को देखती हैं | ये अच्छी से अच्छी रोशनी में 300 Frame ( चित्र ) प्रति सेकण्ड की रफ़्तार से देखती हैं | कुत्तों पर हुई रिसर्च में पाया गया है कि कुत्तों को T.V. पर फ़िल्में देखने में परेशानी होती हैं | क्योंकि कुत्तें की आँखे, T.V. स्क्रीन पर चलने वाली फिल्मों की तुलना में Higher Refresh Rate पर देखती हैं | अगर इन्हें कोई फिल्म दिखाई जाये तो इन्हें फिल्म की फोटो के बीच के खाली जगह साफ़ – साफ़ दिख जाएगी | और इन्हें फिल्म किसी Slide Show के जैसी दिखाई देगी |

जैसे – जैसे हम बूढ़े मनुष्य से छोटे बच्चे की ओर आते हैं | समय की रफ्तार धीरे – धीरे कम होने लगती हैं | इसी कारण जन्म लेने वाले छोटे बच्चे वयस्क मनुष्य की तुलना में Slow Motion में देखते हैं |

अध्धयन में 30 से अधिक प्रजातियाँ जिसमें चूहें, कबूतर, और छिपकलियों से लेकर कुत्तें, बिल्लियाँ और समुद्री जीव शामिल हैं |

इन जानवरों को Slow Motion में देखने में इनके दिमाग का बहुत अधिक महत्व हैं | मनुष्य की तुलना में छोटे जीवों का मस्तिष्क देखी गयी चीजों को जल्दी Update करता हैं | इसलिए हमें छोटे जीवो के दिमाग को कम आँकना ( Underestimate ) नही चाहिए | उदहारण के लिए मक्खियों की बुद्धिमत्ता कम हैं | लेकिन वे बहुत ही जल्दी अच्छे निर्णय ले सकती हैं | जैसे – शिकारी से बचना या स्वयं की सुरक्षा के लिए तेजी से उड़ना | इसलिए आपने अक्सर देखा होगा कि जब आप मक्खी को मारने या पकड़ने की कोशिश करते हैं | तो वह आसानी से मर नही पाती | क्योंकि मक्खी की रफ्तार बहुत तेज हैं और मक्खी मनुष्यों की तुलना में 6 गुना तेजी से दुनिया को देखती हैं |

इसका मतलब है कि आपका शरीर जितनी तेज गति करेगा | उतना ही धीरे – धीरे समय बीतता हुआ महसूस होगा | उदाहरण के लिए आप 3 मिनट तक फिल्म देखने के तुरंत बाद आप अचानक 10 मिनट तेज दौड़ने के लिए चले जाते हैं | और 10 मिनट दौड़ने के तुरंत बाद आप वापस आकर वही फिल्म दोबारा देखते हैं | तो वही फिल्म आपको Slow Motion में चलती हुई दिखाई देगी | और सामान्य स्थिति में वही फिल्म आपको तेज गति से चलती हुई दिखाई देगी | ऐसा इसलिए होता है कि जब आप तेज दौड़ कर आते हैं | तो आपके शरीर में खून का प्रवाह बढ़ जाता हैं और दिल तेजी से धड़कने लगता हैं | और आपके लिए समय कुछ धीमा हो जाता हैं | लेकिन जब आप सामने स्थिति मे होते है तो आपके मस्तिष्क में खून का प्रवाह धीमा होता हैं |

इसी प्रकार एक चींटी के लिए और एक विशालकाय हाथी के लिए समय की गति अलग – अलग अलग होगी | ये कुछ – कुछ वैसा ही हैं | जैसा कि आप प्रकाश की गति ( 3 X 108 m / s ) से चलती हुई ट्रेन में सफ़र करते हुए पृथ्वी के चारों ओर 7 साल तक चक्कर लगाते रहें | जब आप 7 साल पूरे होने के बाद पृथ्वी पर उतरेंगे तो पृथ्वी पर लगभग 100 साल पूरे हो चुके होंगे | और आपके लिए केवल 7 साल ही होंगे |

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