क्या हम Past ( भूतकाल ) में जाकर अपनी गलतियाँ सुधार सकते हैं |

time travel paradox

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क्या हम Past ( भूतकाल ) में जाकर अपनी गलतियाँ सुधार सकते हैं |

समय यात्रा को असंभव साबित करने वाले विरोधाभास ( Paradox )

बहुत से वैज्ञानिक समय यात्रा को मुमकिन मानते हैं लेकिन अनेक वैज्ञानिक समय यात्रा को असंभव बताते हैं | समय यात्रा को असंभव बताने वाले वैज्ञानिकों ने समय यात्रा पर अनेक सवाल खड़े किये है | जो साबित करते हैं कि समय यात्रा असंभव हैं |

Paradox – 1 : The Grand Father Paradox ( अपने दादाजी का कत्ल विरोधाभास )

इस विरोधाभास के अनुसार अगर आप किसी समय यात्रा करने वाली मशीन में बैठकर कई सालों पीछे जाकर आप अपने दादाजी के बचपन के समय में चलें जाते हैं और अपने दादाजी का कत्ल कर देते हैं | ऐसे में अगर आपके दादाजी का कत्ल हो जाता हैं | तो आपके पिता भी अस्तित्व में नहीं आयेंगे | इसलिए आप भी कभी पैदा नही होंगे | ऐसे में अगर आप पैदा ही नही हुए तो कई सालों पीछे जाकर आप अपने दादाजी का कत्ल कैसे कर देंगे |

Paradox 2 : Hitler Kill Paradox ( हिटलर का कत्ल विरोधाभास )

इसके अनुसार समय में पीछे जाकर हिटलर को दितीय विश्व युद्ध होने से पहले ही मार दिया जाता तो दितीय विश्व युद्ध कभी नही होता और लाखों लोगों की जान बच जाती |time travel paradox

Paradox 3 : Herself’s Own Mother ( खुद ही खुद की माँ )

इसके अनुसार जैसे किसी लड़की का नाम पूजा हैं | बचपन में पूजा को कोई अनजान आदमी अनाथ आश्रम में छोड़ गया था | जब पूजा बड़ी हुई तो उसकी मुलाकात एक अजनबी से हुई | उस अजनबी से वह प्यार करने लगती हैं और उससे शादी कर लेती हैं | शादी के बाद पूजा को एक लड़की होती हैं | लेकिन एक दुर्घटना होती हैं | जिसमें पूजा की लड़की का अपहरण ( Kidnap ) हो जाता हैं | बच्ची को अपहरण से बचाते समय पूजा गंभीर रूप से घायल हो जाती हैं | और जब डॉक्टर पूजा का इलाज कर रहें होते है तो डॉक्टरों को पता चलता है कि पूजा को Male और Female दोनों तरह के जननांग हैं | डॉक्टर पूजा को बचाने के लिए उसे पुरुष ( Male ) बना देते हैं | अब पूजा अपना नाम बदलकर अपना नाम मोहन रख लेती हैं | एक बार मोहन कही जा रहा होता है तो उसे रास्ते में एक समय यात्री मिलता हैं | जो उसे समय में पीछे ( भूतकाल ) ले जाता हैं | भूतकाल में मोहन की मुलाकात एक लड़की से होती हैं और उससे मोहन शादी कर लेता हैं | मोहन की पत्नी एक बच्ची को जन्म देती हैं | मोहन और उसकी पत्नी की लड़ाई हो जाती हैं | और मोहन अपनी बच्ची को लेकर चला जाता हैं | मोहन अपनी बच्ची को अनाथ आश्रम में छोड़कर चला जाता हैं | मोहन जिस बच्ची को अनाथ आश्रम में छोड़कर गया था | वह वही बच्ची पूजा थी |

इस विरोधाभास में पूजा की माँ, पिता, पति, बेटी कौन हैं | शायद वह एक ही इंसान है जो वह खुद ही हैं | ऐसा प्रकृति के नियमों के खिलाफ हैं |

Spacetime अवधारणा –

इस अवधारणा में Space एक स्थान या जगह है और Time एक निश्चित समय हैं | Space और Time की ऐसी ज्यामिति ( Geometry ) के कारण हम Time में तो Space में यात्रा कर सकते हैं | लेकिन Spacetime में हम ऐसा नही कर सकते |

उदाहरण के लिए मैं 2 साल पहले लंदन घूमने गया था | यहाँ लंदन तो Space हैं और जिस समय मैं लंदन घूमने गया था | वह एक निश्चित Time था | ( जैसे कोई तारीख ) वो निश्चित पल Spacetime में रिकॉर्ड हुआ एक निश्चित पल हैं | अब अगर मैं वो पल जीना चाहूँ तो भी उसी निश्चित Spacetime में नही जी सकता | पर मैं दोबारा Space यानि लंदन तो दोबारा जा सकता हूँ | क्योंकि भूतकाल भविष्यकाल पर निर्भर करता हैं | अगर भविष्यकाल नही हो तो भूतकाल का कोई अस्तित्व नही होता | यह अवधारणा भी Time Travel की विरोधाभास हैं |

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