परमाणु बम के फटने के बाद Nuclear Fallout

Nuclear Fallout

परमाणु बम के फटने के बाद Nuclear Fallout

परमाणु या हाइड्रोजन बम के विस्फोट के बाद रेडियो एक्टिव कणों का एक घना बादल बन जाता हैं और ऊपर उठने लगता हैं | इस धूल के बादल के कण वायु द्वारा बहुत दूर – दूर तक फ़ैल जाते हैं और बाद में ये धीरे – धीरे पृथ्वी पर गिरने लगते है | इन रेडियो एक्टिव कणों का पृथ्वी पर गिरना Fallout कहलाता हैं |

Fallout का प्रकार परमाण्वीय विस्फोट के ऊपर निर्भर करता हैं | परमाण्वीय विस्फोट 2 प्रकार के होते हैं |
  1. विखंडन बम ( Fission Bombs ) – इसमें युरेनियम और प्लुटोनियम जैसे भारी तत्वों का विखंडन होता हैं | इसमें ऊर्जा और विखंडन पदार्थ वातावरण में फ़ैल जाते हैं |
  2. संलयन बम ( Fusion Bombs ) – इसमें ड्युटेरियम जैसे हल्के तत्वों के संलयन से भारी तत्व बनते हैं | तथा ऊर्जा और न्युट्रॉन मुक्त होते हैं | संलयन की क्रिया को प्रारम्भ करने के लिए विखंडन क्रिया का प्रयोग किया जाता हैं क्योंकि संलयन बमों को अत्यधिक उच्च ताप की आवश्यकता होती हैं |

कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार नाभिकीय हथियारों की 10 % ऊर्जा अवशिष्ट नाभिकीय विकिरणों में निहित होती हैं | जिसका कुछ भाग जीवमंडल में प्रकीर्णन हो जाता हैं | फिर ये रेडियो समस्थानिक लोहा, सिलिका, धूल जो कुछ भी इसके पास हो उसमें मिल जाते हैं और अविलयशील कणों का निर्माण करते हैं | इन कणों का आकार अलग – अलग होता हैं | छोटे कण पौधें की पत्तियों पर चिपक जाते हैं | जहाँ ये पत्तियों में विकिरण हानियाँ उत्पन्न करते हैं |

जब कोई शाकाहारी जीव इन पत्तियों को खाता है तो ये Fallout प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शाकाहारी या प्राथमिक उपभोक्ता के द्वारा आहार श्रृंखला में प्रवेश कर जाते हैं |

छोटे परमाण्वीय हथियारों का Fallout छोटे इलाके को नुकसान पहुँचाता हैं | Cesium – 137 और Strontium – 90 जैसे कुछ अत्यन्त छोटे कण विस्तृत रूप से फ़ैल सकते हैं तथा ये वर्षा के साथ पृथ्वी पर गिरते हैं |

जबकि बड़े शक्तिशाली परमाणु बम और हाइड्रोजन बम जैसे हथियारों से बनने वाले Fallout के कण समताप मंडल तक पहुँच जाते हैं | जिसके कारण यह Fallout कई वर्षों तक जारी रहता हैं |

कुछ Fallout कण जीवों के कार्बनिक द्रव्यों के साथ मिलकर Complex बनाते हैं | जैसे – कोबाल्ट – 60, लोहा – 59, जिंक – 65, मैग्नीज – 54, सीरियम – 144, जिर्कोनियम – 95 आदि |

Fallout का वातावरण, भूमि, आहार श्रृंखलाओं, जीव – जन्तुओं, जीव – भू रासायनिक, पेड़ – पौधों आदि पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता हैं |Nuclear Fallout

Fallout से मनुष्य को होने वाले नुकसान –

विकिरण की कम मात्रा मनुष्यों के लिए हानिकारक नहीं होती लेकिन विकिरण की अधिक मात्रा बहुत ज्यादा हानिकारक होती हैं |

  1. इससे आँतो और फेफड़ों में खून बहने लगता हैं |
  2. जहाँ पर विकिरण पड़ती है, उस स्थान की त्वचा जल जाती हैं और घाव हो जाते हैं | और घाव जल्दी ठीक नहीं होते हैं |
  3. इससे हड्डियों का कैंसर हो जाता हैं |
  4. यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कम करते हैं |
  5. आयुकाल में कमी, मृत्युदर अधिक, मनुष्य में असामान्यता |

Nuclear Fallout

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