डॉलफिन मछली और मनुष्यों में बहुत समानता हैं

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dolphinडॉलफिन मछली और मनुष्यों में बहुत समानता हैं

डॉलफिन ( Dolphin ) दुनिया की सबसे बुद्धिमान मछली होने के साथ – साथ मनुष्यों के बहुत करीब भी हैं |

हाल के दशकों में डॉलफिन के व्यवहार, बुद्धिमता और आनुवांशिक अध्धयनों से वैज्ञानिकों को यह बात पता चली है कि समुद्रों और नदियों में रहने वाली डॉलफिन मछली और मनुष्यों में बहुत सी समानताएँ हैं | जिसके कारण डॉलफिन दुनियाभर की संस्कृतियों में आश्चर्य का रहस्य बन गयी हैं |

मनुष्यों और डॉलफिनों में अनेक लक्षण समान हैं –
  • ये मनुष्यों के समान स्तनधारी हैं |
  • ये मनुष्यों की तरह बच्चे पैदा कर दूध पिलातें हैं |
  • जिस प्रकार मनुष्य एक – दुसरे से बातचीत करने के लिए आवाजों और इशारों का प्रयोग करता हैं | उसी प्रकार डॉलफिन भी आवाजों और इशारों का प्रयोग करती हैं |
  • मनुष्यों की तरह डॉलफिन भी Self Awareness ( स्वयं जागरूकता ), Sympathy ( सहानुभूति ), Altruism ( परोपकारिता ) और मृत डॉलफिनों के प्रति शोक प्रकट करते हैं |
  • जलीय जीवों में डॉलफिन सबसे समझदार और जटिल जीव भी हैं ( दिमागी स्तर पर ) |
  • मनुष्यों के समान ये फेफड़ो से सांस लेने वाले जीव हैं |
  • ये मनुष्यों के समान सामान्यता ये एक बार में एक बच्चे को जन्म देते हैं |
  • मनुष्यों के समान ये एक – दुसरे की मदद भी करते हैं |
इससे पता चलता है

कि डॉलफिन का दिमाग काफी विकसित हैं | जो उनके भावनात्मक और बौद्धिक लक्षणों को प्रकट करता हैं |

जिस प्रकार मनुष्य अपने नवजात शिशुओं की देखभाल करते हैं | उसी प्रकार डॉलफिन भी अपने नवजात शिशुओं की देखभाल करते हैं | इनका जीवनकाल लगभग 60 वर्षों का होता हैं | अलग – अलग प्रजातियों के अनुसार इनमे 80 से 100 दाँत होते हैं |dolphin

 इनके जीनोम पर हुए रिसर्च से पता चला हैं कि मनुष्यों और डॉलफिनों में कुछ Corollary Chromosome समान होते हैं | मानव का जीनोम इनसे काफी मिलता – जुलता हैं | वैज्ञानिकों ने पाया हैं कि डॉलफिन जीनोम और मानव जीनोम मूल रूप से समान हैं |

डॉलफिन मछलियाँ भी चमगादड़ के समान Echolocation नामक तकनीक का इस्तेमाल करते हैं | इस तकनीक में डॉलफिन अपने मुँह से आवाजें निकालकर अपने शिकार का पता लगाती हैं | जिस प्रकार चमगादड़ रात में रास्ते के लिए व अपने भोजन की स्थिति का पता लगाने के लिए करते हैं |

डॉलफिन में एक विशेष गुण यह भी होता हैं कि ये अपने समान स्तनधारी जीवों व अन्य जीवों की पहचान कर सकते हैं | और ये ऐसा करने के लिए एक प्रकार की X – Ray स्कैन तकनीक का इस्तेमाल करते हैं | डॉलफिन सोनार का इस्तेमाल करके मनुष्यों व अन्य जीवों के आन्तरिक अंगो को भी देख सकते हैं |

कई घटनाओं में यह भी देखा गया है कि समुद्र में संकट या दुर्घटना के समय डॉलफिनों ने मनुष्यों की मदद भी की हैं | और डॉलफिनों ने कई लोगो को डूबने से भी बचाया हैं | ये शार्क ( Shark ) को दूर भगाने के लिए भी जानी जाती हैं |

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