मौत को मात देने वाला जीव

Wood Frog
wood frog

मौत को मात देने वाला जीव

अलास्का ( Alaska ) में रहने वाला एक ऐसा छोटा सा जीव भी है जो लगभग पूरी सर्दियाँ बर्फ में जमा रहता हैं | लेकिन वसंत ऋतु आने पर चमत्कारी ढंग से दोबारा जीवित हो उठता हैं |

Alaskan Wood Frog की लम्बाई 2 से 3 इंच होती हैं | यह सामान्यता भूरे रंग का होता हैं | यह दलदली और जंगल के इलाकों में पाया जाने वाला मेंढ़क हैं | ये Hibernation करने में बहुत ही माहिर होते हैं |

जब अलास्का में तापमान – 18 ०C तक गिर जाता हैं | तब यह मेंढ़क Hibernation के दौरान मौत को भी मात दे देता हैं | Hibernation के दौरान इस मेंढ़क का 80 % शरीर बर्फ में जम जाता हैं | इस दौरान मेंढ़क का सांस लेना बंद हो जाता हैं और मेंढ़क का दिल भी धड़कना बंद कर देता हैं | इस मेंढ़क की भौतिक और रासायनिक क्रियाएँ पूरी तरह बंद हो जाती हैं | अगर सामान्य भाषा में कहा जाये तो यह मेंढ़क मर चुका होता हैं |

शोधकर्ताओं ने यह पाया हैं कि इस चमत्कारी घटना का कारण Wood Frog के उत्तकों में मौजूद Cryoprotectants नामक पदार्थ की अधिक मात्रा हैं | ये विलायको ग्लुकोस और युरिया सहित मेंढ़क की कोशिकाओं के ठंडे तापमान को कम करता हैं | जो इन कोशिकाओं को जीवित रहने में मदद करते हैं | लेकिन अन्य जानवरों में ठण्ड के सम्पर्क में अधिक समय तक रहने पर Cellular Contraction और Frostbite की समस्या हो सकती हैं |

यह एक ऐसी प्रक्रिया हैं

जिसमें शरीर की कोशिकाओं में स्थित Blood जमकर बर्फ बन जाता हैं और कोशिकाओं की सारी क्रियाएँ बंद हो जाती हैं | और सारी कोशिकाएँ नष्ट हो जाती हैं | लेकिन Wood Frog ( लकड़ी मेंढ़क ) में ऐसा नहीं होता हैं क्योंकि Cryoprotectants कोशिकाओं को संकुचित होने और नष्ट होने से बचाता हैं | इनकी कोशिकाओं में पाया जाने वाला ग्लुकोस और युरिया ठण्ड के स्तर को कम कर देते हैं | Wood Frog की कोशिकाओं में ग्लुकोस और युरिया की मात्रा अन्य जानवरों की तुलना में अधिक पाई जाती हैं |

Wood Frogसर्दियाँ खत्म होने पर जब वसंत की शुरुआत होती हैं तो Wood Frog के शरीर पर जमी बर्फ पिघलने लगती हैं | तब Wood Frog के दिल में अचानक से एक इलेक्ट्रिक चार्ज उत्पन्न होता हैं और इस मेंढ़क का दिल धड़कने लग जाता हैं | और यह मेंढ़क दुबारा जीवित होकर सामान्य रूप से कार्य करने लगता हैं |

वैज्ञानिक इस मेढ़क के ठण्ड में जमे रहकर जीवित रहने की प्रकिया को समझकर आने वाले समय में बर्फ से जमने पर नष्ट होने वाले अंगो को ठीक कर सकेंगे और अंग प्रत्यारोपण किया जा सकेगा |

No comments:

Recent Post

ads
Powered by Blogger.