आइंस्टाइन के बारे में 10 अनोखी - अनसुनी बातें

Albert Einstein
अलबर्ट आइंस्टाइन

Albert Einstein

वैज्ञानिक आइंस्टाइन के बारे में 10 अनोखी – अनसुनी बातें जो शायद ही आपने सुनी होंगी |

  1. जिस समय हिटलर तानाशाह अपनी क्रूरता भरी नीतियों से लाखों यहूदियों को मौत के घाट उतार रहे थे | उस समय अलबर्ट आइंस्टाइन विज्ञान से पूरी दुनिया बदल रहे थे | वो जर्मनी छोड़कर अमेरिका चले गये और वही की नागरिकता ले ली | क्योंकि हिटलर ने आइंस्टाइन की रिसर्च की सभी किताबे जला दी और उन्हें भगोड़ा घोषित कर उनके सिर पर 5000 डॉलर का ईनाम रखा |
  2. 1930 के दशक में आइंस्टाइन को जर्मनी से अमेरिका जाना पड़ा था क्योकि नाजियों द्वारा आइंस्टाइन की हत्या करने के लिए हत्या की सूची में उनका नाम जोड़ा गया था |
  3. आइंस्टाइन किसी भी व्यक्ति को ऑटोग्राफ देने के लिए 1 $ लेते थे | बाद में ऑटोग्राफ से प्राप्त धन को वे चैरिटी में दान करते थे |
  4. आइंस्टाइन को अमेरिका में लोग इतनी अच्छी तरह से जानते थे कि लोग उन्हें सड़क पर रोक कर उनके दिए सिद्धांतों का मतलब पूछने लगते थे | आखिरकार इस पूछताछ से बचने के लिए आइंस्टाइन ने एक तरीका निकाला | वे लोगो से कहते – माफ़ कीजिये, मुझे देखकर लोग अक्सर मुझे प्रोफेसर आइंस्टाइन समझ लेते हैं | पर मैं प्रोफ़ेसर आइंस्टाइन नही हूँ उनका हमशक्ल हूँ |
  5. दुसरे विश्व युद्ध के समय, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट को बताया कि जर्मनी परमाणु बम विकसित कर रहा और आपको भी ऐसा ही करना चाहिए | और अंतत आइंस्टाइन ने परमाणु बम के निर्माण में अमेरिका का नेतृत्व किया | बाद में आइंस्टाइन को अहसास हुआ कि परमाणु बम का निर्माण करना उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी |
  6. आइंस्टाइन ने अपनी माँ पौलिन आइंस्टाइन के कहने पर सारंगी बजाना भी सीखा, लेकिन उन्हें यह बिल्कुल भी पसंद नही था |
  7. इजराइल के पहले राष्ट्रपति की मृत्यु के बाद आइंस्टाइन को इजराइल के राष्ट्रपति के पद के लिए ऑफ़र मिला | उन्होंने ऑफ़र ठुकरा दिया और कहा – मुझमे लीडर बनने और लोगो को समझने की प्राकृतिक योग्यता और अनुभव नही हैं |
  8. जब आइंस्टाइन विश्वविधालय में प्रोफ़ेसर थे | तब एक दिन एक छात्र उनके पास आया |

और वह छात्र बोला – सर,

इस साल की परीक्षा में वही प्रशन आये हैं | जो पिछले साल की परीक्षा में आये थे |

तब आइंस्टाइन ने कहा – लेकिन इस साल उत्तर बदल गए हैं |

  1. आइंस्टाइन अपने सापेक्षता के सिद्धांत और द्रव्यमान ऊर्जा समीकरण E = MC2 के कारण सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध हुए | इस समीकरण को परमाणु बम बनाने में इस्तेमाल किया जाता हैं |
  2. आइंस्टाइन को स्कूल में सभी बच्चे मंदबुद्धि- मंदबुद्धि कहकर चिढ़ाते थे | इस पर उन्होंने टीचर से पूछा कि सर, मैं अपनी मंदबुद्धि का विकास कैसे कर सकता हूँ | तब टीचर ने उनसे कहा – लगातार अभ्यास करते रहने से | कुछ ही वर्षो बाद ऐसा समय आया, जब टीचर को कोई सवाल समझ नही आता था | तो टीचर आइंस्टाइन की मदद लिया करते थे |

Albert Einstein

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