बुलेट चींटी ( Bullet ant ) के काटने पर बन्दुक से गोली लगने जैसा दर्द

बुलेट चींटी ( Bullet ant )

Bullet ant
शिकार करती हुई बुलेट चींटी
                             Pairaponera clavata
जगतएनिमेलिया
संघआर्थोपोडा
वर्गइन्सेक्टा
गणहाईमेंनॉपटेरा
कुलफोर्मीसिऐड
उपकुलपैरापोनेरियाई
जनजातिपैरापोनेरिनी
वंशपैरापोनेरा
जातिपैरापोनेरा क्लावाटा
बुलेट चींटी ( Bullet ant ) के काटने पर बन्दुक से गोली लगने जैसा दर्द –

आपने काले रंग की छोटी – छोटी चींटियाँ तो अवश्य ही देखी होंगीं | जो घर के बरामदे, घर की दीवारों, खेत – खलियानों और आस – पास की सभी जगहों पर घूमती हुई दिखाई पड़ जाती हैं | कई बार ये मनुष्य को काट भी लेतीं हैं | इनके काटने से अधिक दर्द नहीं होता | लेकिन आपको जानकार आश्चर्य होगा कि चींटी की एक प्रजाति ऐसी भी हैं | जिसके काटने पर भयानक असहनीय दर्द होता हैं |

जिसके काटने पर होने वाले दर्द की तुलना बन्दूक से लगने वाली गोली से होने वाले दर्द से की जाती हैं | इसके काटने से कभी – कभी मौत भी हो जाती हैं | इसलिए इन्हे बुलेट चींटी ( बुलेट एन्ट ) भी कहतें हैं | इसकी खोज सन 1793 में की गयी | इस चींटी की लगभग 90 प्रजातियाँ खोजी जा चुकी हैं | ये ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अमेरिका आदि महाद्वीपों में पाई जाती हैं |

आकार और संरचना

यह सामान्य चींटी से कुछ बड़ी तथा भूरे, काले व लाल रंग की होती हैं | इसकी लम्बाई लगभग 2 cm होती हैं | इसका भार 0.0015 gm होता हैं | इनमे 1 से 3 मिलीमीटर का डंक पाया जाता हैं | पेट में जहर की थैली पाई जाती हैं | शिकार को काटते समय यह चींटी अपने डंक से पेट में स्थित जहर को शिकार के खून में पहुँचा देती हैं | इनमे बड़े – बड़े दो संयुक्त नेत्र पाए जातें हैं | जिनके द्वारा ये 360 0 कोण पर एक मीटर दूर तक देख सकती हैं |
इसके सिर पर दो श्रंगिकाएं ( एन्टीना ) पायी जाती हैं | इसके नुकीले दाँत वाले जबड़े मुँह से बाहर निकले होते हैं | इसके सम्पूर्ण शरीर पर रोमनुमा बाल होतें हैं | खतरा महसूस होने पर यह शिकार को दाँतों और डंक दोनो से काटती हैं और लगातार कई बार काटती है | इसका जहर न्युरोटॉक्सिक ( पोनेरो टॉक्सिक ) प्रकार का होता हैं | वैज्ञानिकों के अनुसार इसका काटना मधुमक्खी के डंक से होने वाले दर्द से 30 गुना अधिक तेज दर्द होता हैं |

चींटियों से कटवाकर अपनी मर्दानगी साबित करना

ब्राजील के जंगलों में पाए जाने वाले सैंटारे-मावे जनजाति के लोगो में एक परम्परा के तहत कम उम्र के लड़के को उनकी मर्दानगी साबित करने के लिए बुलेट चींटी से कटवाना पड़ता हैं | इस प्रक्रिया में कम उम्र के लड़को को विशेष प्रकार से बनाए हुए बुलेट चींटी युक्त दस्तानों में अपने हाथ डालने होतें हैं |

जब कोई लड़का दस्तानों में अपने हाथ डालता है तो उसको अपने हाथ इन दस्तानों में लगातार लगभग आधे घंटे तक डालकर रखना पड़ता हैं | दस्तानों में चीटियाँ लगातार काटती रहती हैं | जिससे असहनीय दर्द होता हैं | इस दौरान सफल होने पर उन्हें ईनाम दी जाती है | इसमें कुछ लोगो की जान भी चली जाती है |

 

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