विशालकाय छिपकली कोमोडो ड्रैगन

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कोमोडो ड्रैगन छिपकली

विशालकाय छिपकली कोमोडो ड्रैगन –

कोमोडो ड्रेगन या कोमोडो मोनिटर लिज़र्ड एक विशालकाय छिपकली की प्रजाति हैं | जो इंडोनेशिया के दीप समूह कोमोडो आयलैंड, रिंचा आयलैंड और फ्लोरेस आयलैंड पर पायी जाती हैं |

इनकी लम्बाई लगभग 3 मीटर या उससे अधिक हो सकती हैं | यह माँसाहारी प्राणी हैं | यह विषहीन प्राणी हैं | इस छिपकली में जहर नहीं पाया जाता, लेकिन इसकी लार में अनेक प्रकार के वायरस या जीवाणु पाए जाते हैं |

जिस कारण इसके काटने पर शिकार की इंफेक्शन से मृत्यु का खतरा बना रहता हैं | वैज्ञानिकों को इसकी लार से 17 प्रकार के जीवाणुओं के सैम्पल मिले हैं | इन दीप समूहों पर इनसे अधिक प्रभावी Competitor नहीं होने के कारण सम्पूर्ण आयलैंड पर इन्ही का राज हैं |

जिससे इनकी संख्या और आकार में भारी इजाफा हुआ हैं | ये डायनासोरों के काल से ही धरती पर मौजूद हैं और ये डायनासोर सरीसृपो के आखिरी जीते – जागते सदस्य हैं | केवल इंडोनेशिया में पायी जाने के कारण यह पर्यावरणीय रूप से बहुत ही दुर्लभ जीव हैं |

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कोमोडो ड्रैगन में पाये जाने वाले विशेष गुण –

  1. ये खून की गंध लगभग 3 किलोमीटर दूर से ही सूँघ लेते हैं तथा जब वायु की दिशा ठीक हो तो ये खून की गंध को 8 किलोमीटर दूर से भी सूंघ लेते हैं |
  2. कोमोडो ड्रैगन  सामान्य घरेलु छिपकली से 300 गुना अधिक बड़ी होती हैं |

  3. ये सामान्य 6 फीट के इंसान से भी डेढ़ या दो मीटर लम्बे होते हैं |
  4. इनकी त्वचा कठोर व मोटी चमड़ी युक्त होती हैं |
  5. इनके दाँत मुँह में अन्दर की ओर मुड़े होते हैं | जब ये शिकार को काटती हैं तो इसके नुकीले आरीनुमा दाँत शिकार की चमड़ी को काट डालते हैं |
  6. इनकी लार में विशेष प्रकार के रसायन व जीवाणु पाए जाते हैं | जिसके कारण इसके द्वारा एक बार शिकार को काटने पर शिकार का खून लगातार बहता रहता हैं | ऐसे में शिकार बच जाने पर भी शिकार की मृत्यु खून बहने से हो जाती हैं |
  7. ये शिकार करते समय शिकार का पीछा बहुत लम्बे समय तक करते हैं | और इस दौरान शिकार को लगातार काटते रहते हैं जब तक कि उसकी मृत्यु न हो जाए |
  8. इनका वजन 60 से लेकर 120 किग्रा. या उससे अधिक भी हो सकता हैं |
  9. इनकी दौड़ने की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर / घंटा होती हैं |
  10. यह पृथ्वी पर पायी जाने वाली सबसे विशालकाय छिपकलियाँ हैं |

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कोमोडो आयलैंड के लोगो में प्रचलित कहानी

कोमोडो आयलैंड पर रहने वाले अधिकतर लोग मछुआरें हैं | कोमोडो आयलैंड के लोगो का मानना हैं कि कोमोडो ड्रैगन का जन्म इंसानों से ही हुआ हैं | यहाँ के लोगो में एक कहानी प्रचलित हैं जिसके अनुसार कोमोडो आयलैंड पर रहने वाली एक महिला ने 2 जुड़वाँ बच्चो को जन्म दिया |

जिसमे से एक बच्चा इंसान व एक बच्चा रेप्टाइल था | यह रेप्टाइल बच्चा बड़ा ही गुस्से वाला और खूंखार था | जो बड़ा होने पर अपने घरवालों से झगड़ कर जंगलो की ओर चला गया | कहते हैं कि यही कोमोडो ड्रैगन हैं |

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कोमोडो आयलैंड पर कोमोडो ड्रैगन के हमले –

  • इस घटना में एक 8 से 10 साल का बच्चा गाँव में खेल रहा था | खेलने के बाद अपने घर जाने के लिए जंगल के रास्ते से जा रहा था | इस दौरान उस बच्चे पर कोमोडो ड्रैगन ने पीछे से हमला कर दिया | तथा उस बच्चे के पाँव पर काटा और उस बच्चे को नीचे गिरा दिया | फिर उस बच्चे को खा गए | इस घटना के बाद गाँव के लोगों में डर फ़ैल गया | इसके बाद डरे हुए लोगो ने गाँव के चारों ओर लकड़ियों की बाड़ लगा दी | ताकि सुरक्षा मिले |
  • इस घटना में एक महिला लकड़ियाँ लेने जंगल में गयी थी | जब वो महिला लकड़ियाँ चुग रही थी, तो उस महिला को कोमोडो ड्रैगन ने पाँव पर काट लिया जिससे उस महिला का खून बहने लगा | और वह महिला तेज – तेज रोते हुए कोमोडो ड्रैगन को देखते हुए बोलने लगी – कि हम एक ही गाँव के हैं | तुम मुझे मत मारों मुझे छोड़ दो |
  • यह सुनकर आश्चर्यजनक रूप से कोमोड़ो ड्रैगन वापस चला गया | इस दौरान यह महिला बहुत ही खुश किस्मत रही जो इस हमले में बच गयी | इस घटना के बारे में लोगो का कहना है कि – कोमोडो ड्रैगन के इंसान से जन्म लेने के कारण उसमे थोड़ी दया बाकी हैं |
  • लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ कि कोमोडो ड्रैगन बहुत मौकापरस्त ( मौके का फायदा उठाने वाले ) जीव हैं | जो शिकार से लड़कर संघर्ष कम ही करते हैं | वे शिकार को काटने के बाद मरने का इन्तजार करते हैं और फिर खाते हैं |
  • इस घटना में कोमोडो नेशनल पार्क के एक रेंजर टार्सन खाना खाने के बाद बचे हुए चावल लेकर पार्क में स्थित एक नन्हे हिरण को डालने के लिए गए थे |
  • इस दौरान कोमोडो ड्रैगन ने टार्सन के पाँव पर तेजी से काट लिया | इस दौरान टार्सन तेज – तेज चिल्लाने लगा जिसकी आवाज सुनकर अनेक रेंजर उसको बचाने के लिए दौड़े | और कोमोडो ड्रैगन को भगा कर टार्सन को नजदीकी अस्पताल मे भर्ती करवाया | जहाँ उनकी जान बच गयी | अगर 10 से 15 मिनट की देरी हो गयी होती तो खून बहने से टार्सन की मौत हो गयी होती |



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