दुनिया के सबसे पहले इंसान

bushman

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सान जनजाति के लोग शुतुरमुर्ग के अंडे से पानी पीते हुए

दुनिया के सबसे पहले इंसान

सान ( बुशमैन / bushman ) सभ्यता

दक्षिणी अफ्रीका के कालाहारी रेगिस्तान में एक प्राचीन आदिवासी सभ्यता पायी जाती हैं |

जिसे सान कहा जाता हैं | सान सभ्यता पृथ्वी पर इंसानों की सबसे पुरानी आबादी हैं |

सान लोगो की संस्कृति लगभग 80 हजार साल पुरानी हैं |

धरती पर अब तक की सबसे पुरानी कला पत्थरों के औजारों और चट्टानों पर बनी कलाकृतियाँ जिनकी आयु 70,000 वर्ष हैं | इन्ही लोगो के द्वारा ही बनाई गयी थी |

इनकी आबादी लगभग 90,000 हैं |

सान लोगों का रहन – सहन

सान सभ्यता के लोग आदिवासी खानाबदोश लोग हैं |

ये लोग बड़ी मात्रा में इकठ्ठे होकर शिकार करने की तैयारी, बातचीत, संगीत, सामूहिक नृत्य आदि कार्य एक साथ करते हैं | ये लोग पानी इकट्ठा करने के लिए शुतुरमुर्ग के अंडे व घूँट कुएँ का उपयोग करते हैं | ये वर्षा से प्राप्त पानी को आने वाले समय के लिए बचाकर रखने के लिए शुतुरमुर्ग के अंडे में पानी भरकर उसे गहराई में दबा कर रखते हैं | और सूखा पड़ने पर अंडे को निकाल पानी पीते हैं | सान लोग भोजन के रूप में विभिन्न कीटों का उपयोग करते हैं | जिनमे कैटरपिलर, तितलियाँ, टिड्डे, बीटल, पतंगे आदि को लोग बड़े चाव से खातें हैं | ये शाकाहारी भोजन के रूप में बुश प्याज, कन्द, छोटी झाड़ियाँ और गूदेदार पादपों का उपयोग करते हैं | ये लोग शिकार को मारने के लिए जहरीले तीरों का इस्तेमाल करते हैं | इस जहर का निर्माण ये विभिन्न जहरीले पादपों व जहरीले जीवों का इस्तेमाल करते हैं | ये लोग सामान्यता झोपड़ियाँ बनाकर व गुफाओं में रहते हैं |

सबसे पहले इंसान

2012 में हुए एक अध्धयन के अनुसार – सबसे पुराना मानव Y गुणसूत्र सान लोगो में भी पाया जाता हैं | सान लोगो में पाया जाने वाला माईट्रोकोंड्रीयल DNA सभी को विरासत में एक ही माँ से मिला हैं | सबसे पुराना इंसानी इतिहास सान लोगो से ही जुड़ा हुआ हैं | सान लोगों के DNA के शोध से यह बात पता चली हैं कि इंसान की सभी प्रजातियों का विकास अफ्रीका से ही हुआ हैं | और ये अन्य महद्वीपों में अलग – अलग प्रकार से फ़ैला |

आधुनिक इंसान होमो सेपियन्स के सबसे पुराने कंकाल अफ्रीका से ही प्राप्त हुए हैं |

सान सभ्यता की प्रसिद्ध कहानी

सान सभ्यता के लोग यह मानते हैं कि इंसानों की रचना कीटों ने की थी |

उनकी कहानी के अनुसार – एक ग्रे-मेंटीस ( राम जी का घोड़ा ) ने एक मधुमक्खी से कहा कि वह उसको उफनती नदी पार करा दे | यह सुनकर मधुमक्खी ग्रे-मेंटीस को अपनी पीठ पर बैठा कर नदी पार करा देती हैं | लेकिन जाने से पहले उस मधुमक्खी ने ग्रे-मेंटीस के शरीर में अपना एक अंडा डाल दिया | और उसी अंडे से इंसानों का जन्म हुआ |

इन लोगो का यह भी मानना हैं कि इंसानों को आग और भाषा का ज्ञान भी ग्रे-मेंटीस ( रामजी का घोड़ा ) ने दिया था | उनके सबसे अधिक पूजनीय देवता केगन को भी अक्सर मेंटीस के रूप में दिखाया गया हैं |

उनके अनुसार केगन ने ही चाँद ( चंद्रमा ) की रचना की थी |

सान सभ्यता के लोग अपने खेतों में फसल भी चाँद की चाल के अनुसार बौते हैं |

कुछ लोगो का तो यह तक मानना हैं कि सान लोगो की ये काल्पनिक कहानियाँ बिल्कुल सत्य हैं | और इनके ज्येष्ठ देवता केगन कोई परग्रही जीव हो सकते हैं | क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार केगन देवता एक ग्रे – मेंटीस के रूप में दिखाया गया हैं | जो किसी काल्पनिक या वास्तविक किरदार जिसे हम ग्रे-एलियन के नाम से जानते हैं, से मिलता – जुलता किरदार हैं |

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