रहस्यमयी व्यक्ति गोस्वामी तुलसीदास

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गोस्वामी तुलसीदास
रहस्यमयी व्यक्ति गोस्वामी तुलसीदास

अगर हम इतिहास की ओर नजर डालें तो एक व्यक्ति ऐसे भी थे | जो सम्पूर्ण मानव प्रजाति में अब तक सबसे अनोखे बच्चे के रूप में जन्मे तुलसीदास जिन्होंने रामचरितमानस की रचना की | उनसे जुड़े अनेक तथ्य अदभुत और अकल्पनीय हैं | प्रयाग के पास स्थित बाँदा जिले में राजापुर नामक गाँव में आत्माराम दुबे नाम के एक प्रसिद्ध ब्राह्मण रहते थे | उनकी पत्नी का नाम हुलसी था | इन्ही के यहाँ 12 महीने गर्भ में रहने के पश्चात गोस्वामी तुलसीदास का जन्म हुआ |

सामान्य तौर पर देखा जाता हैं कि बच्चे पैदा होते समय रोते हैं | लेकिन तुलसीदास जन्म के समय रोये नहीं और पैदा होने के पश्चात से ही बोलने लगे | सामान्य बच्चों के विपरीत उनके मुँह में जन्म के समय से ही सभी 32 दाँत मौजूद थे | जबकि सामान्य बच्चों में जन्म के समय एक भी दाँत नहीं होता हैं और देखने मे उनका शरीर किसी 5 वर्ष के बच्चे समान था | यह बहुत ही आश्चर्यजनक बात है कि ऐसा कैसे हुआ |

इस प्रकार के अदभुत बालक को देखकर उनके पिता अविश्वसनीय रूप से भयभीत हो गए | और उसके संबंध में स्वास्थ्य को लेकर अनेक प्रकार की चिन्ताएँ करने लगे | उनकी माता हुलसी भी बच्चे को देखकर हैरान थी |

उस स्थान पर बड़े होने पर तुलसीदास अयोध्या चले गए | जहाँ श्री नरहरयानंद नामक ऋषि ने इनका नाम रामबोला रखा | वे उन्हें अयोध्या ले गए | वहाँ उन्होंने बिना सिखाये ही गायत्री मंत्र का उच्चारण किया | यह देखकर सब लोग आश्चर्यचकित रह गए | उनका दिमाग बहुत ही तेज था | वे अपने गुरु को हैरत में डाल देते थे |

इस कारण अनेक इतिहास शोधकर्ताओं और मिथ्यालोजिस्ट के अनेक ग्रुप ने तुलसीदास की जीवनी पर बारीकी से अध्धयन किया जा रहा हैं | कि इस रहस्य का कारण क्या था |

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