वह कीट जो आकाशगंगा की रोशनी का इस्तेमाल करता हैं

Scarab

Scarab
गुबरेला गोबर के गोले को लुढकाकर ले जाता हुआ

वह कीट जो आकाशगंगा की रोशनी का इस्तेमाल करता हैं

गुबरेला ( Dung Beetle ) या इसे Scarab भी कहते हैं |

यह छोटा, काला और गन्दा सा दिखने वाला कीट हैं | जिसे हम शायद ही पसंद करते हो | क्योंकि यह हमे कभी दिखाई देने पर हमेशा गोबर या मल से बने छोटे – छोटे गोले को लुढ़काता हुआ दिखता हैं | यह बीटल सामान्य या आंशिक रूप से गोबर या मल का पोषण करता हैं | गोबर के छोटे गोले अपने बिल तक लेकर आता हैं और उन गोलों में अंडे देता हैं | यह बीटल लगभग 2 सेमी. लम्बा और एक सेमी. चौड़े होते हैं | दुनिया में ज्ञात जीवों में वर्तमान गुबरेला एकमात्र ऐसा जीव हैं | जो अपना रास्ता तय करने के लिए आकाशगंगा ( Milky Way ) के अनुसार चलता हैं | गोबर को पोषण के रूप में ग्रहण करना बीटल के कई वर्गों में पाया जाता हैं | ये अन्टार्कटिका को छोड़कर सभी महाद्वीपों में पायें जाते हैं | ये शाकाहारी होते हैं |

गोबर खाने वाले बीटलों को कुछ भी खाने या पीने की आवश्यकता नहीं होती | क्योंकि ये गोबर से सभी आवश्यक पोषक तत्व ग्रहण कर लेते हैं | ये गोबर की गंध सूँघने में बहुत ही संवेदनशील होते हैं | एक गुबरेला अपने वजन से 10 गुना अधिक गोबर को रोल करके ले जा सकता हैं | यह आकाशगंगा और सितारों की रोशनी को सूचक के रूप में इस्तेमाल करके गोबर के रोल को लुढ़काता हुआ एक सीधी रेखा में अपने बिल तक ले जाता हैं | चाहे रास्ते में कितनी भी रूकावट क्यों न आये | मादा गुबरेला इस गोबर की गेंद में अपने अंडे देती हैं |

प्राचीन मिश्र में गुबरेला –

प्राचीन मिश्र में गुबरेले की अनेक प्रजातियों को पवित्र माना जाता था | जिनमे से Scarab को सबसे पवित्र माना जाता था | गुबरेले को उगते सूरज का देवता माना जाता था | प्राचीन मिश्र के लोग गुबरेले को पवित्र अनुष्ठानों तथा मृत्यु के समय मरने वाले व्यक्ति के दिल पर रखा जाता था | इसके पश्चात लाश को दफन कर दिया जाता था | दिल पर रखा यह गुबरेला उनके अनुसार यह सुनिश्चित करता था कि दिल मृत्यु के खिलाफ बाद के जीवन में फैसले पर गवाह नही करेगा | तथा मरने वाले व्यक्ति के दूसरी दुनिया के किसी दुसरे रूप में जाने के लिए उसकी मदद करेगा | अनेको विशेषज्ञों का मानना है कि प्राचीन मिश्र में गुबरेला एक तरह के डिवाइस का कार्य करता था | जो दूसरी दुनिया में जाने का यंत्र था |

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