शनि के उपग्रह एन्सेलेड्स पर सूक्ष्म जीव

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शनि के उपग्रह एन्सेलेड्स पर सूक्ष्म जीव –

शनि हमारे सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है | इसका छठा सबसे बड़ा उपग्रह जिसका नाम एन्सेलेड्स है |

संभव है कि शनि के इस उपग्रह पर बैक्टिरिया जैसे सूक्ष्म जीवों का अस्तित्व है |

वैज्ञानिक ऐसा इसलिए मानते हैं कि एन्सेलेड्स पर तरल पानी है | तापमान भी गर्म हैं और जीवन के लिए आवश्यक कार्बनिक सामग्री भी मौजूद है | हाल में आयी एक रिपोर्ट के अनुसार वैसे तो इसकी ऊपरी सतह पर बर्फ की मोटी परत जमी हुयी हैं | लेकिन दरारों के बीच से ज्वालामुखी के गर्म पानी के स्रोत कई 100 किलोमीटर की ऊंचाई तक पानी और बर्फ के फौव्वारे निकलते रहते हैं | एन्सेलेड्स की ऊपरी सतह का तापमान -200 C से भी कम है | लेकिन बर्फ की दरारों में जल का तापमान -70 C के आस – पास है | इसकी सतह पर गर्म जल के स्रोत भी पायें गए है |

सौरमंडल में एन्सेलेड्स का स्थान

एन्सेलेड्स बहुत बड़ा उपग्रह नहीं हैं | इसका व्यास 504 किलोमीटर हैं | सन 2005 में यूरोपीय अमेरिकी सर्वेक्षण यान – कसीनी जब एन्सेलेड्स के निकट से गुजरा तो उसके भेजे हुए फोटों और वीडियों के आधार पर यह पता चला कि इस उपग्रह पर जीवन के सबूत हो सकते हैं | सोचा जा रहा हैं कि वहाँ ऐसी रासायनिक प्रक्रियाएँ चल रही होगी,…. जो पृथ्वी पर जीवन के प्रारंभिक समय में हुई थी | हो सकता हैं कि वहाँ सूक्ष्म जीवाणुओं जैसा जीवन का रूप प्रारंभ भी हो गया होगा | लेकिन कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार शनि के उपग्रह एन्सेलेड्स पर गुरुत्वाकर्षण बल के अनियंत्रित रूप से कार्य करने के कारण भी ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं | उदाहरण के अनुसार किसी रबरबैंड को लगातार चारों तरफ से खीचतें रहने पर वह कुछ स्थानों पर से गर्म हो जाता हैं | उसी प्रकार गुरुत्वाकर्षण बल के कारण इस ग्रह पर गर्मी या ऊष्मा उत्पन्न हो गयी होंगी | वह निश्चित रूप से चट्टानों में छिपें रेडीयों एक्टिव पदार्थों के कारण नहीं होनी चाहिए | क्योंकि एन्सेलेड्स का आकार बहुत छोटा हैं | वैज्ञानिक नहीं समझ पा रहें हैं कि एन्सेलेड्स पर उष्मा किस कारण से उत्पन्न हो रही हैं | लेकिन तथ्यों के आधार पर जीवन की उत्पत्ति होने की संभावना जताई जा रही हैं |

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